ताबीज बांटने वाले जाहिद और नूंह नगर पंचायत अध्‍यक्ष ने मिलकर की थी 'स्पेशल 26' की तर्ज पर दिल्‍ली के कॉल सेंटर में लूट, 7 गिरफ्तार

दिल्‍ली के एक कॉल सेंटर में हुई लूट को 'स्पेशल 26' की तर्ज पर अंजाम दिया गया था. इस मामले में पुलिस ने ताबीज बांटने वाले एक मुस्लिम धर्म गुरू और नूंह नगर पंचायत अध्‍यक्ष सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिसके बाद इस पूरी लूट की वारदात में कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए हैं. पढ़‍िये आखिर फिल्‍म की कहानी को कैसे असली जिंदगी में फिल्‍माते हैं, बदमाश और वारदात को देते हैं अंजाम.

ताबीज बांटने वाले जाहिद और नूंह नगर पंचायत अध्‍यक्ष ने मिलकर की थी 'स्पेशल 26' की तर्ज पर दिल्‍ली के कॉल सेंटर में लूट, 7 गिरफ्तार
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'स्पेशल 26' की तर्ज पर कॉल सेंटर में छापा

दिल्‍ली पुलिस की गिरफ्त में आए 'स्पेशल 26' की तरह लूट को अंजाम देने वालों में आरोपी जाहिद खुद को धर्मगुरु बताकर लोगों को ताबीज बांटता है. वह मेवात और पटेल नगर में मौजूद अपने ठिकाने पर लोगों का दुख-दर्द सुनता है और फिर उनको ताबीज देता था. वहीं इस लूट में पीड़ित विजय भी जाहिद उर्फ गुरूजी के आश्रम में जाता था. फिर जाहिद उर्फ गुरू जी ने उसके साथ लूट का खेल खेला. मामला दिल्‍ली के सुभाष प्‍लेस स्थित एक कॉल सेंटर का है. जहां बदमाशों ने 'स्पेशल 26' की तर्ज पर छापेमारी की थी. इस दौरान छापा मारकर करीब आठ लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था.

 

छापेमारी में बताया मुंबई पुलिस अधिकारी

बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल 26' की तर्ज पर राजधानी दिल्‍ली के सुभाष प्लेस स्थित कॉल सेंटर में हुई लूट की वारदात को बहुत ही जल्‍दी सुलझा लिया है. पुलिस ने इस मामले में नूंह नगर पंचायत अध्यक्ष और मेवात के एक मुस्लिम धर्मगुरु और राष्ट्रीय बीज निगम जयपुर के जेई समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डीसीपी (साउथ-वेस्‍ट डिस्ट्रिक्‍ट) ऊषा रंगनानी ने बताया कि 10 अगस्त को यह वारदात हुई थी. पीड़ित कॉल सेंटर संचालक विजय यादव ने बताया कि एक युवती समेत चार लोग उनके दफ्तर में घुस आए और खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए जांच के नाम पर उन्हें बंधक बनाकर लूटपाट की. विजय यादव एक वेलनेस सेंटर संचालक है जो हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन सप्लाई करता है. 

 

ऐेसे हुआ लूट की वारदात पर्दाफाश, मिले फर्जी आईडी

रिपोर्ट के अनुसार विजय यादव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर दिल्‍ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर अमित तिवारी की देखरेख में एसआई कुलदीप की टीम गठित की गई. जांच में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में गिरोह के चार सदस्य बाहर खड़े नजर आए. हेड कॉन्स्टेबल सोमवीर को भी एक फुटेज मिली, जिसमें एक आरोपी फोन पर बात करता नजर आया. इसके बाद निश्चित समय की कॉल डिटेल की जांच कर पुलिस ने भलस्वा से प्रशांत पाटिल को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया. इसके बाद उसकी निशानदेही पर रोहिणी से वारदात में शामिल नेहा और ज्योति को पकड़ा गया. इनके पास से वारदात में फर्जी पुलिस पहचानपत्र समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए.

 

असली 26 पुलिस की टीम ने धर दबोचे

इस लूट को लेकर एसीपी सतीश मलिक की देखरेख में इंस्पेक्टर आनंद सिंह, इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर परमेंद्र की 26 सदस्यीय टीम ने जांच-पड़ताल के बाद शुक्रवार को मेवात में छापा मारकर जाहिद उर्फ गुरू जी को दबोच लिया. इसके बाद संजय मनोचा को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया. वहीं इंस्पेक्टर विजेंद्र नागर की टीम ने भोपाल से फैसल और इमरान को धर लिया. फिलहाल एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है. जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है और जल्‍द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

 

लूट की वारदात में ईरानी गिरोह भी शामिल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी प्रशांत राष्ट्रीय बीज निगम जयपुर में बतौर जेई तैनात है. सुभाष प्लेस में कॉल सेंटर चलाकर लोगों को लोन के नाम पर ठगने के मामले में उसे बीते साल भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जेल में प्रशांत की मुलाकात ईरानी गिरोह के सदस्य माजिद से हुई थी. जेल से छूटने के बाद प्रशांत दिल्ली आया और विजय के कॉल सेंटर में फर्जी छापेमारी की साजिश रची. जिसमें उसने माजिद के साथ ही स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरु जाहिद उर्फ गुरुजी और नूंह नगर पंचायत अध्यक्ष संजय मनोचा को भी लूट की वारदात में शामिल कर लिया.

 

लूट में ईरानी गिरोह को भी किया गया था शामिल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी जाहिद उर्फ गुरूजी खुद को धर्मगुरु बताकर लोगों को ताबीज आदि बांटता था. वह मेवात और पटेल नगर स्थित अपने ठिकाने पर लोगों का दुख-दर्द सुनता और उन्हें ताबीज देता था. पीड़‍ित कॉल सेंटर संचालक विजय भी जाहिद के आश्रम में जाता था. जिसके चलते आरोपित प्रशांत भी विजय को जान गया था. जिसके बाद प्रशांत और जाहिद ने ही मिलकर विजय के ऑफिस में 'स्पेशल 26' की तर्ज पर छापा मारने की साजिश रची थी. इसके लिए प्रशांत ने ईरानी गिरोह के माजिद, इमरान और फैजल को तैयार किया था. जाहिद ने अपने जानकार नूंह के नगर पंचायत अध्यक्ष संजय मनोचा को भी साथ में मिला लिया था.

 

वारदात के दिन पांच सितारा में मिले थे सभी

पुलिस के अनुसाार वारदात वाले दिन सभी आरोपित इलाके के फाइव स्टार होटल में मिले. फिर, वारदात वाले दिन माजिद, इमरान और फैसल अपने साथ एक युवती को लेकर कॉल सेंटर के ऑफिस में घुसे थे. जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया था. वारदात को अंजाम देने के बाद सब लोग बाहर निकलकर होटल में पहुंचे. वहां पर जाहिद ने उधार के तौर पर लिए गए एक लाख रुपये संजय मनोचा के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे. फिलहाल वारदात में शामिल एक अन्‍य आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है.