रसोई में ऐसे भरकर रखें पानी, हो जाएंगे मालामाल

पानी, आम जरूरत का एक अहम किरदार है. आम जीवन में ही नहीं पानी का महत्व वास्तु शास्त्र में भी काफी महत्वपूर्ण माना गया है. पानी की दिशा नार्थ मानी गई है. इस दिशा में जितना पानी का इस्तेमाल किया जाए उतना ही धनदायी होता है. आइए जानते हैं कि रसोई घर में रात को पानी की बाल्टी भरकर रखने से क्या होता है...

रसोई में ऐसे भरकर रखें पानी, हो जाएंगे मालामाल

अगर रसोईघर में रात के समय पानी की बाल्टी भरकर रख दी जाए तो वास्तु शास्त्र के हिसाब से ये कर्ज मुक्ति का बहुत अच्छा उपाय साबित होता है. साथ ही ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. इसकी एक साफ वजह है कि रसोईघर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है. ऐसा माना जाता है कि जिस रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है उस घर में अन्न की कभी कमी नहीं आती है. वहीं जब रोज रात को एक बाल्टी भरकर पानी रसोईघर में रखा जाता है तो मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से घर में खूब बरकत होती है और ये बरकत तभी हो सकती है जब आप पर किसी तरह का कोई कर्ज न हो. दूसरा तथ्य ये है कि जब रसोई घर में पानी की बाल्टी को भरकर रखा जाता है तो सुबह उठने के बाद रसोई में जाने वाले व्यक्ति को पानी से भरी हुई बाल्टी दिखाई देती है जिसे वास्तु में बहुत ही शुभफलदायी माना गया है.

 

आइए जानें पानी का इस्तेमाल वास्तु शास्त्र के हिसाब से 

  • घर में मेन गेट के पास अगर कोई नल है तो वहां हमेशा पानी से भरा हुआ कोई बर्तन जैसे बाल्टी रखनी चाहिए. दिन भर वो पानी भरा रहे और अगले दिन सुबह अगर संभव हो सके तो उस पानी को घर की दहलीज पर बिखेर देना चाहिए. इससे घर में कभी भी नकारात्मकता नहीं आती है.
  • घर के उत्तर में पानी को बोरिंग कराना चाहिए.
  • घर से पानी की सारी निकासी भी उत्तर दिशा से ही होनी चाहिए.
  • अगर उत्तर में बोरिंग कराना संभव न हो तो उत्तर की तरफ अपना वाशिंग एरिया बना लेना चाहिए.
  • यदि घर के नार्थ में किसी कोई कमरा या ड्राइंग रुम हो तो वहां उत्तर की तरफ बिजली से चलने वाला पानी का झरना या फाउंटेन लगा लेना चाहिए.
  • यदि ये सब भी संभव न हो तो अपने घर के पूजास्थल में उत्तर दिशा की तरफ दो लीटर से ज्यादा गंगाजल की केन रख लेनी चाहिए. जिसमें से जल इस्तेमाल नहीं किया जाता है. उसे पूजास्थल में और सभी देवों की तरह स्थापित किया जाता है.
  • घर में कहीं पानी भरकर रखना है तो उसकी सबसे उचित दिशा उत्तर ही है. उत्तर के साथ-साथ कभी बहुत मजबूरी में पानी को उत्तर-पूर्व की तरफ भी ले जाया जा सकता है.
  • ओवर हेड टैंक उत्तर और वायव्य कोण के बीच होना चाहिए. टैंक का ऊपरी भाग गोल होना चाहिए.
  • एक बात हमेशा ध्यान रखें घर के किसी भी नल से पानी नहीं रिसना चाहिए. किसी नल या पाइप से पानी का टपकना बहुत ही अशुभ माना जाता है. अगर ऐसी कोई स्थिति बनी हुई है तो उसे तुरंत ठीक कराना चाहिए. अन्यथा भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है.
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