मदरसे के मौलवियों की नापाक करतूत, मासूम को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर किया यौन शोषण

गुजरात के अहमदाबाद से एक सनसनीखेज चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक मदरसे के दो मौलवियों की घिनौनी करतूत का खुलासा हुआ है. आरोपित मौलवियों ने एक मासूम नाबालिग बच्‍चे का यौन शोषण किया, यही नहीं इन मौलवियों ने उस मासूम को प्रताड़ति भी किया. बच्‍चे को तब‍ियत खराब होने के चलते अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं आरोपितो के खिलाफ परिजनों ने मामला दर्ज कराया है.

मदरसे के मौलवियों की नापाक करतूत, मासूम को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर किया यौन शोषण
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मौलवियों की नापाक घिनौनी करतूत

गुजरात के अहमदाबाद में एक मदरसे के दो मौलवियों की घिनौनी करतूत सामने आई. जहां अहमदाबाद जिले के बापूनगर इलाके में स्थित मदनी मदरसा के दो मौलवियों ने 13 वर्षीय एक नाबालिग लड़के का यौन शोषण किया है. जिसके बाद बच्‍चे की हालत बिगड़ने पर उसका इलाज पास के ही शारदाबेन अस्पताल में किया जा रहा है. बच्‍चे की हालत को देखते हुए उसके परिजनों की शिकायत पर आरोपित मौलवियों के खिलाफ पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.

 

बच्‍चे ने परिवार को बताया

ऑपइंडिया की खबर के अनुसार, यह मामला गोमतीपुर के रहने वाले एक दिहाड़ी मजदूर के बच्‍चे का है. बताया गया कि इस परिवार ने घर के 6 बच्चों में से सबसे बड़े 13 वर्षीय बच्चे को 29 मई 2022 को बापूनगर के मदनी मदरसे में इस्लाम के बारे में पढ़ने के लिए भेजा था. जब इसके अगले दिन बच्चे ने अपने अम्मी-अब्बू को मदरसे में मौलवियों द्वारा की गई अमानवीय हरकतों के बारे में बताया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. परिजन समझ नहीं पा रहे कि मदसे में ऐसा भी कुछ होता है. लेकिन जब बच्‍चे की तबियत खराब हुई तो मामला पुलिस तक पहुंच गया.

बच्‍चे के निशान देख कांप गए परिजन

पीड़ित बच्‍चे के पिता ने कहा कि उसका बच्चा सरकारी स्कूल नंबर-2 में कक्षा सात का छात्र है. अभी गर्मी की छुट्टियां चल रही है तो उसे इस्लामिक शिक्षा के लिए मदरसे में भेजा था. जहां 29 मई की सुबह वो बच्चे को लेकर सुंदरमनगर के मदीना मदरसे में भी जानकारी के लिए ले गए थे. उसके बाद मदनी मदरसा में नाम लिखवा दिया. वहीं पीड़ित बच्चे ने बताया कि मदरसे में उसके साथ मारपीट की गई. साथ ही उसका यौन शोषण किया गया. जिसके चलते उसके शरीर पर मारपीट के साथ ही उसकी शौच वाली जगह पर भी यौन उत्पीड़न व चोट के निशान थे. इसके बाद परिजनों उसे इलाज के लिए शारदाबेन अस्पताल ले गए.

मासूम के साथ दरिंदगी की दास्‍तां

बताया गया कि 29 मई को मदनी मदरसे में नाम लिखवाया था. मदरसे से आकर बच्‍चा अगले दिन 30 मई को आराम कर रहा थ, सुबह करीब 3 बजे जब परिजन काम से लौटे तो देखा कि बच्चा घर बेसुध पड़ा था. जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपने साथ हुई बर्बरता की कहानी बताई. पीड़ित बच्चे के मुताबिक, रात करीब 10 बजे मदनी मदरसा का मुख्य मौलवी एक अन्य मौलवी के साथ उसके पास आया. बिना किसी कारण उसने उसके दाहिने पैर पर लकड़ी के डंडे से 7 बार मारा और दूसरे हाथ पर एक अन्य मौलवी ने इंजेक्शन लगा दिया. जिसके बाद वह बेहोश हो गया.

 

किसी तरह जान बचाकर भाग निकला

इस नाबालिग बच्चे ने अपने अब्बू से बताया कि जब उसे 30-35 मिनट बाद होश आया तो उसे शौच वाली जगह में तेज दर्द हो रहा था. वो डरकर वहां से भाग निकला. मदरसे के 3 लोग उसे पकड़ने के लिए पीछे दौड़े, जिनसे बचने के लिए वह राजेंद्र पार्क के पास स्थित एक होटल में छिप गया. कुछ देर बाद जब वे लोग चले गए तो वह होटल से निकलने के बाद एक बाइक पर लिफ्ट लेकर अपने घर आ गया. बापूनगर थाने में पिता की ओर दी गई शिकायत में कहा गया है किबापूनगर के सुंदरमनगर स्थित मदनी मदरसा के प्रमुख मौलवी और एक अन्य मौलवी ने मेरे बेटे के दाहिने पैर के टखने पर सात बार मारा और उसके बाएं कंधे के पास इंजेक्शन लगा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया. फिर उसका अप्राकृतिक यौन शोषण किया.” बच्चे के पिता का कहना है कि उसके बेटे को दूसरे मौलवी का नाम तो नहीं पता, लेकिन उसे देखकर वो पहचान लेगा.