मानो या न मानो: ये तस्वीरें देखिए, इनमें कैद हो गए भूत

भूत होते हैं या नहीं. क्या आपने कभी अपनी आंखों से इन भूतों को देखा है. अगर नहीं तो चलिए हम आपको कुछ ऐसे फोटोग्राफ्स दिखाते हैं जिनमें इंसान के साथ कुछ साये भी दिखाई दे रहे हैं. कुछ कहानियों और कुछ सच्ची घटनाओं के बीच झूलती इस हकीकत को आप कितना महसूस कर पाते हैं. अगर आपने भी कभी ऐसा कुछ अनुभव किया है तो आप इन सब को किसी किस्से कहानियों से नहीं जोड़ेंगे लेकिन अगर आप वो लकी वन हैं जिसका सामना अभी तक इन चीजों से नहीं हुआ है तो आपके लिए शायद ये कोई किस्सागोई हो सकती है.

मानो या न मानो: ये तस्वीरें देखिए, इनमें कैद हो गए भूत

1. साल 1891 के दिन इग्लैंड के चैलशायर में सिबैल कारबेट नाम के शख्स के साले लॉर्ड काम्बरमेयर की डेथ के बाद फ्यूनरल चल रहा था. ये फ्यूनरल उनके घर से करीब 4 मील आयोजित किया गया था. वहीं दूसरी तरफ उनके घर की लाइब्रेरी में एक महिला रिश्तेदार जो कि शौकिया तौर पर फोटोग्राफी का काम करती थी, उन्होंने लॉर्ड की लाइब्रेरी में अपना कैमरा ये सोच कर सैट किया कि वो कुछ ऐसे मोमेंट कैच करे जो लॉर्ड की याद में हमेशा उनके पास रहें क्योंकि लॉर्ड को बुक्स और पढ़ने का शौक था इसलिए उन्होंने अपने लिए एक स्पेशल चेयर खरीदी थी, जिस पर बैठकर वो अक्सर पढ़ाई किया करते थे. उस महिला फोटोग्राफर ने कई फोटोज के साथ उस चेयर की भी फोटो ली तो उस फोटो में एक धुंधली सी आकृति इस तरह से बैठी कैमरे में कैद हुई जो हूबहू मरे हुए शख्स लॉर्ड काम्बरमेयर जैसी थी. जबकि ठीक उसी वक्त उस घर से 4 मील दूर उनका फ्यूनरल चल रहा था.

 

2. ये दूसरी फोटोग्राफ सर रॉयल विक्टर गोडार्ड की रॉयल एयरफोर्स स्क्वैडरन की है. जिसमें जूम करके एक फोटो दिखाया गया फोटो है. ये फोटोग्राफ गोडार्ड के स्क्वाडन की है जिसने फस्ट वल्ड वॉर में भाग लिया था. इस ग्रुप फोटोग्राफ में एक सैनिक के पीछे एक मकैनिक की छाया दिखाई दे रही है. जिसका नाम फ्रैडी जैक्सन है. आपको बता दें कि जब ये फोटोग्राफ खींची जा रही थी उससे दो दिन पहले ही इस व्यक्ति की मौत हो चुकी थी. मौत का कारण एक एक्सीडेंट था जो कि आन ड्यूटी काम करते वक्त एरोप्लेन के प्रोपेलर(आगे लगी पंखुड़ी) से घायल होकर हुई थी और इसी दिन उस शख्स का फ्यूनरल था.

 

3. ये फोटोग्राफ एक कुत्ते की आत्मा की है. 1939 में एक लाइफ मैगजीन में छपा हुआ था. ये दो कुत्ते बहुत अच्छे दोस्त थे और साथ में ही खेला करते थे. इनमें से एक डाग जो कि टैरियर ब्रीड का था, उसकी डेथ हो जाती है. इसके बाद दूसरा डाग जो कि कैनाइन ब्रीड का था वो बहुत उदास रहने लगता है. इसी बीच एक फोटोग्राफर ने कैनाइन ब्रीड के डाग की उसके मालिक के साथ फोटो खींची तो उसमें पीछे की तरफ टैरियर ब्रीड के उस कुत्ते का झांकता हुआ चेहरा दिखाई दे रह था जो कि मर चुका था.

 4. अगली फोटो अब्राहम लिंकन की मानी जा रही है जो सन 1870 में ली गई थी. इसको स्प्रिट फोटोग्राफी का पहला उदाहरण माना जाता है. विलियम ममलर बोस्टन में रहने वाले एक नक्काश थे जो फोटोग्राफी को एक साइड हॉबी के तौर पर लेते थे. उन्होंने अब्राहम लिंकन की मौत के बाद उनकी पत्नी की एक फोटोग्राफ ली जिसमें पीछे की तरफ अब्राहम लिंकन अपनी पत्नी के कंधे पर हाथ रखे हुए नजर आ रहे हैं. इस फोटोग्राफ को लेने के बाद विलियम उन स्प्रिट फोटोग्रफर की लिस्ट में शामिल हो गए थे जिनका उद्देश्य अपनी तस्वीरों में भूत और आत्माओं को कैप्चर करना था.

 5. साल 1920 के दशक में विलियम होप नाम के एक फेमस फोटोग्राफर हुआ करते थे. जिन्होंने ऐसी कई फोटोग्राफ खींची थीं जिन्हें स्प्रिट फोटोग्राफ की लिस्ट में शामिल किया गया था. उनकी खींची हुई ये दो फोटोग्राफ दी गई हैं. होप न सिर्फ एक फोटोग्राफर थे बल्कि वो दूसरी दुनिया में जा चुके लोगों से संपर्क भी साधने का काम किया करते थे. होप क्रियू सर्किल नाम के एक ग्रुप के मेम्बर भी थे जो इन आत्माओं के बीच संपर्क साधने का काम किया करते थे और उन आत्माओं की फोटोग्राफ लेने का दावा किया करते थे. लोग अपने मृत प्रिय जनों के साथ बातचीत करने और उनसे मिलने के लिए होप को अक्सर बुलाया करते थे. पहली फोटोग्राफ एक कपल की है जिसमें पीछे एक यंग फीमेल स्प्रिट दिखाई दे रही है. और दूसरी फोटो होप ने 1931 में ली थी जिसमें मिसेज हॉटैंस लेबरसन के पीछे उनके मृत पति मेजर लेबरसन की छवि दिखाई दे रही है. साल 1922 में पैरानोरमल इन्वेस्टिगेटर हैरी प्राइस ने होप को फ्राड कहते हुए दावा किया कि होप अपनी फोटोग्राफ्स में भूतों की छाया दिखाने के लिए मल्टीपल एक्सपोजर टेक्नीक का इस्तेमाल करते हैं. उनके पास ऐसी कोई शक्ति नहीं है जिससे वो दूसरी दुनिया में जा चुके लोगों से संपर्क बना सकें. मगर लोग के बीच होप की इमेज वही बनी रही उन्हें हैरी की इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ा और वो होप को उसी तरह से मानते रहे.

 

6. ये फोटोग्राफ सन 1936 में कैप्टन हुबर्ट सी प्रोवैंड ने ली थी. जो कि कथित तौर पर नोरफोक इंग्लैंड के रेनहैम हॉल में दिखाई देने वाले एक भूत की है. कहानियों के मुताबिक फोटोग्राफ में मौजूद छवि ब्राउन लेडी आफ रैनहैम हॉल कही जाती है जो कि ग्रेट ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री रोबर्ट वॉल पोल की बहन लेडी डॉरौथी वॉलपोल हैं. डॉरौथी चार्ल्स टाउनशैन्ड की दूसरी पत्नी थीं. जिसका लॉर्ड व्हारर्टन के साथ अफेयर था. जब उनके पति को ये पता चला तो उन्होंने डॉरौथी को रोनहैम हॉल में कैद कर दिया. जो कि अपने जीवन के आखिरी पलों तक उसी जगह पर कैद रहीं. लंदन के एक फोटोग्राफर ने ये फोटो ली जिसमें डॉरौथी की छवि दिखाई दे रही है.

 

7. ये फोटो 1963 में खींची गई है, जिसमें दिखाई दे रहे भूत को स्पैक्टर आफ न्यूबाई चर्च या न्यू बाई मांक के नाम से भी जाना जाता है. जिसने ये फोटोग्राफ ली थी उसका नाम रैवरैंड के एफ लॉर्ड था. हालाकि फोटो में किसी आत्मा के दिखने की बात को काफी लोगों ने ये कहकर नकार दिया था कि ये फोटो डबल एक्सपोजर का रिजल्ट है. मगर लॉर्ड अपनी बात पर कायम रहे कि उन्होंने फोटो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है.

 

8. रिचर्ड बॉरसेल ने ये फोटोग्राफ 1902 में ली थी. रिचर्ड एक फोटोग्राफर के साथ स्पिचुअल मीडियम भी था. जो दूसरी दुनिया के मृत लोगों के साथ संपर्क कर सकता था. रिचर्ड की ली हुई इस फोटो में स्प्रिचुअलिस्ट विलियम थॉमस स्टैड और उनके साथ कथित रुप से एक प्रेत दिखाई दे रहा है जिसकी पहचान पीठ बोथा के रुप में हुई थी, जो एक बोर कमांडेंट था. जिसकी मौत साउथ अफ्रीकन वॉर में हुई थी. 1908 में एक एफ सी बारनेस नाम का व्यक्ति रिचर्ड से मिला था जिसने फोटोग्राफर को फ्रॉड एक्सपोज करने की कोशिश की. उसने कहा कि फोटोग्राफ में जिस प्रेत की फोटो है वो आस्ट्रीया की महारानी एलिजाबेथ की एक किताब में से ली है.