गली दिसावर, गाजियाबाद चलाने वाले सट्टा किंग शकील गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा मिला

दिल्ली में अलग-अलग 30 बड़े सट्टा ऑपरेटर इसके अंडर में काम करते हैं. यह लोग ऑनलाइन नंबर सट्टा लगवाते हैं. इनकी सट्टे की कुछ प्रमुख कंपनियां 'गली दिशावर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गली, श्री गणेश, काशीपुर, न्यू गली और दिल्ली दरबार' हैं.

गली दिसावर, गाजियाबाद चलाने वाले सट्टा किंग शकील गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा मिला
प्रतीकात्मक चित्र.

नई दिल्ली. उत्तर भारत में मटके के उसके सबसे बड़े ब्रांड हैं. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश समेत तमाम राज्यों में उसका नेटवर्क है. दिन में कई बार उसके मटके के नंबर खुलते हैं. गली दिशावर, दिल्ली दरबार जैसे मटके सुपरहिट ब्रांड उसने खड़े कर डाले. सारा काम ऑनलाइन. सट्टे को गली-गली पहुंचाने वाला मोहम्मद शकील आखिरकार दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. उसने सट्टे का ऐसा कारोबार को वहां तक पहुंचा दिया कि अब इसके नंबर के लिए एप तक आ गए हैं.

दिल्ली के पूर्वी जिला के स्पेशल स्टाफ को ये बड़ी कामयाबी मिली है. पूर्वी जिले की पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि बुधवार देर रात को सूचना के बाद स्पेशल स्टाफ की टीम ने त्रिलोकपुरी के 27 ब्लॉक में छापेमारी कर आरोपी मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक शकील का सट्टा नेटवर्क दिल्ली के अलावा देश के कई राज्यों में फैला है. अब उसने सट्टे के साथ हेरोईन, स्मैक जैसे जहरीले नशों का भी कारोबार शुरू कर दिया है. पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल, 1.43 लाख, दो पिस्टल, चार तमंचे, 35 कारतूस, चार चाकू और 110 ग्राम स्मैक बरामद की है.

सट्टे में गैंगवॉर

सट्टे के इस कारोबार में इस समय गैंगवॉर भी चल रही है. एक और सट्टा किंग सिंकदाराबाद का है. इस गैंग की शकील से वर्चस्व को लेकर जंग चल रही है. इस समय शकील हथियारबंद गुर्गों से घिरा रहता था. खुद भी हथियार रखता था. दूसरे गैंग ने 2020 में शकील के भाई शाहिद की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड में दूसरे गैंग का मुखिया मन्नान और कई साथी जेल में हैं. दूसरे गैंग की कमान जमाल और साजिद के हाथ में है. दोनों ही गैंग इस समय एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं.

30 बड़े ऑपरेटर, सारा काम ऑनलाइन

पूछताछ के दौरान आरोपी शकील ने बताया कि इसका सट्टा नेटवर्क दिल्ली के अलावा देश के कई राज्यों में फैला हुआ है. दिल्ली में अलग-अलग 30 बड़े सट्टा ऑपरेटर इसके अंडर में काम करते हैं. यह लोग ऑनलाइन नंबर सट्टा लगवाते हैं. इनकी सट्टे की कुछ प्रमुख कंपनियां 'गली दिशावर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गली, श्री गणेश, काशीपुर, न्यू गली और दिल्ली दरबार' हैं. सट्टा लगाने वाले इन कंपनियों में नंबर के जरिये अपना सट्टा लगाते हैं. अब उसने ड्रग्स का भी कारोबार शुरू कर दिया है.