अब बैंक अपनी जिम्मेदारी से नहीं झाड़ सकेंगे पल्ला, चोरी होने पर लॉकर धारकों को मिलेगा 100 गुना मुआवजा

बैंक लॉकर के कुछ नियम बदले गये हैं। र‍िजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (आरबीआई) बैंक ग्राहकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए अक्सर कई बैंकिंग नियम बदलता है। समय-समय पर आरबीआई की ओर से न‍ियमों में बदलाव क‍िया जाता रहता है। इसी के मद्देनजर आरबीआई ने बैंक लॉकर के कुछ न‍ियम बदले हैं।

अब बैंक अपनी जिम्मेदारी से नहीं झाड़ सकेंगे पल्ला, चोरी होने पर लॉकर धारकों को मिलेगा 100 गुना मुआवजा

सिक्योरिटी के लिहाज से बदले गए ये नियम बैंक के लॉकर धारकों को काफी राहत देने वाले हैं क्योंकि पहले कभी बैंक लॉकर्स में चोरी हो जाती थी तो बैंक लोगों को कुछ भी नहीं देता था. मगर अब बैंक लोगों को मुआवजा देने के लिए बाध्य हो गया है. 

मिलेगा 100 गुना तक मुआवजा

आरबीआई ने कुछ समय पहले एक नोटिफ‍िकेशन जारी की थी। उसमें नए बैंक लॉकर न‍ियमों की डिटेल दी गयी थी। नये नियम इसी साल की शुरुआत से लागू हो गए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंक में जो ग्राहक लॉकर लेते हैं उनकी श‍िकायतों को देखते हुए आरबीआई ने न‍ियमों में बदलाव क‍िया है। अभी तक बैंक लॉकर में चोरी होने की श‍िकायतें आती हैं। मगर यदि अब ऐसा होता है तो बैंक की तरफ से ग्राहक को लॉकर क‍िराये का 100 गुना मुआवजा द‍िया जाएगा।

 ये हैं बाकी निर्देश

अभी तक यदि लॉकर में चोरी हो जाती थी तो बैंक कहते थे कि इसमें उनकी ज‍िम्‍मेदारी नहीं है। पर अब ऐसा नहीं होगा। आरबीआई क अन्य निर्देशों में यह भी कहा गया है क‍ि बैंकों को खाली लॉकरों की ल‍िस्‍ट और लॉकर के ल‍िए वेट‍िंग ल‍िस्‍ट नंबर को ड‍िस्‍पले पर लगाना होगा। इससे लॉकर स‍िस्‍टम में ज्‍यादा पारदर्श‍िता रहेगी। आरबीआई ने साफ किया है कि बैंक ग्राहकों से कुछ छिपा नहीं सकते। उन्हें सही जानकारी देनी होगी।

इस तरह मिलेगा अलर्ट

अच्छी बात यह है कि जब भी आप लॉकर यूज करेंगे तो इसका अलर्ट आपको ई-मेल और एसएमएस के जरिए दिया जाएगा। ये अलर्ट बैंक जारी करेगा। आरबीआई की तरफ से यह न‍ियम बनाया है ताकि ग्राहकों को क‍िसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सके। बैंकों को लॉकर का अध‍िकतम तीन साल का क‍िराया लेने का हक होगा। यद‍ि लॉकर का किराया 2000 रुपये है तो 6000 रुपये से ज्‍यादा शुल्‍क नहीं लिया जाएगा। ये किराया बैंक अन्‍य मेंटीनेंस चार्ज छोड़कर आपसे लेगा।

सीसीटीवी से न‍िगरानी

लॉकर रूम में सीसीटीवी लगेंगे, ताकि आने-जाने वालों की न‍िगरानी की जा सके। ये करना जरूरी होगा। सीसीटीवी फुटेज का 180 द‍िन तक का डेटा स्‍टोर करना होगा। साथ ही चोरी या सुरक्षा में क‍िसी भी प्रकार की खामी हुई तो पुल‍िस सीसीटीवी फुटेज के जर‍िये जांच कर सकेगी।

 सुप्रीम कोर्ट का रहा था हस्तक्षेप

बता दें कि आरबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद बैंक लॉकर को लेकर बैंकों की जवाबदेही तय की थी। नए नियम सेफ जमा लॉकर और बैंकों के पास सेफ कस्‍टडी दोनों पर लागू होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2021 में आरबीआई को 6 महीने के भीतर लॉकर मैनेजमेंट को लेकर सभी बैंकों के लिए एक समान नियम लागू करने को कहा था। बैंकों ने भी अपने लॉकर्स को लेकर नया नियम लागू करना शुरू कर दिया था। बता दें कि एक जनवरी 2023 से बैंक लॉकर होल्डर्स के साथ नए सिरे से एग्रीमेंट शुरू करेंगे।