आठवीं तक पढ़ा नदीम ऑनलाइन ले रहा था आतंकी ट्रेनिंग, आतंकी मंसूबों को देने वाला था अंजाम, ऐसे चढ़ा हत्‍थे

यूपी के सहारनपुर से एटीएस के हत्‍थे चढ़ा आतंकी नदीम आठवीं तक पढ़ा है, लेकिन उसके आतंकी मंसूबे कहीं ज्‍यादा खतरनाक हैं. वो आतंक की ट्रेनिंग ऑनलाइन ले रहा था. जिसके बाद अपने मिले टास्‍क को पूरा करने की तैयारी में था. जिसको एटीएस ने पहले ही धर लिया. इसके बाद एटीएस को उससे कई अहम जानकारियां मिली हैं. नदीम के पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से लिंक थे. उन्‍हीं आतंकी आकाओं से उसको बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या करने का टास्क दिया गया था.

आठवीं तक पढ़ा नदीम ऑनलाइन ले रहा था आतंकी ट्रेनिंग, आतंकी मंसूबों को देने वाला था अंजाम, ऐसे चढ़ा हत्‍थे
गिरफ्तार आतंकी नदीम

आतंकी संगठनों से ताल्‍लुक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूपी में सहारनपुर जिले के थाना गंगोह क्षेत्र से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी नदीम की गिरफ्तारी के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है. वहीं एक बार फिर से सहारनपुर जिला सुर्खियों में आ गया है. बताया गया कि यूपी एटीएस की टीम ने आतंकी संगठन से जुड़े नदीम को गांव कुंडा कलां से गिरफ्तार किया है. जहां एटीएस द्वारा पूछताछ में नदीम ने जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान आतंकी संगठनों के लिए काम करना स्वीकार किया है. जैश-ए-मोहम्मद की ओर से उसे बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या करने का टास्क दिया गया था.

 

हत्‍या कर भाग जाता पाकिस्‍तान

नदीम की गिरफ्तारी के बाद परिजनों की मानें तो वह रात भर फोन पर बातें करता था, लेकिन, किससे बात करता था, उसकी उन्हें जानकारी नहीं थी. नदीम फोन कॉल के अलावा व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर भी लगा रहता था. जब भी इस बारे में उससे कुछ पूछा जाता था तो वह इन बातों को हमेशा टाल देता था. हालांकि ATS को नदीम के पास से संदिग्ध सामान और पाकिस्तान के मोबाइल नंबर भी मिले हैं. बताया जा रहा है कि नदीम अपने इस टास्क को पूरा करने के बाद पाकिस्तान जाना चाहता था, लेकिन इससे पहले ही एटीएस की टीम ने उसके मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया.

 

नदीम तक ऐसे पहुंची एटीएस

रिपोर्ट के अनुसार यूपी ATS को खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला था कि, सहारनपुर के गांव कुंडा कलां से पाकिस्तान के नंबरों पर लगातार बात हो रही है. जिसके बाद एटीएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 8 अगस्त को थाना गंगोह इलाके के गांव कुंडा में दबिश देकर नदीम और तैमूर नाम के दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया था. एटीएस की टीम दोनों भाइयों को लखनऊ ले गई. जहां उनसे पूछताछ की गई तो कई बड़े खुलासे हुए हैं. नदीम ने जहां जैश-ए-मोहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान से संबंध होना स्वीकार किया है. वहीं, विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में आई बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या की साजिश भी कबूल की है. हालांकि एटीएस ने तैमूर के बारे में कोई जानकारी अभी तक साझा नहीं की है.

 

 देहरादून में भी रहा है नदीम

आसपास रहने वाले ग्रामीणों के अनुसार नदीम दो साल पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नौकरी किया करता था. जिस कंपनी में नदीम नौकरी करता था, वहां उसकी मुलाकात एक कश्मीरी युवक से हुई थी. इसके बाद नदीम कश्मीरी युवक के साथ ही किराए पर रहने लगा था. बाद में वह गांव लौट आया. खास बात तो यह है कि गांव में उसका कोई दोस्त नहीं था. इसके चलते वह किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था, लेकिन जब ग्रामीणों एवं पड़ोसियों को नदीम का आतंकी संगठनों से संबंध पता चला तो पूरा गांव हैरानी में है. ग्रामीणों के मुताबिक नदीम किसी से दोस्ती करना पसंद नहीं करता था. वह अपने गांव में रहकर अपने देश के खिलाफ साजिश रच रहा था, इस बात पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा.

 ऑनलाइन पाकिस्‍तान से ले रहा था आतंकी ट्रेनिंग

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया गया कि, पाकिस्तान में नदीम और उसके परिवार की रिश्तेदारी है. नफीस की पत्नी की एक बुआ पाकिस्तान के जिला खरखौदा और दूसरी नवाबशाह पिण्ड में रहती है. जबकि नफीस की बुआ पाकिस्तान के कुशुर गांव बरखी में रहती हैं, लेकिन नदीम और तैमूर कभी उनके यहां नहीं गए. ATS के अनुसार नदीम पाकिस्तान में इंटरनेट कॉल पर बात करता था. इतना ही नहीं नेट कॉल पर वह आतंकी संगठनों से आतंकी ट्रेनिंग भी ले रहा था. नदीम के पिता ने बताया कि, वह कई बार पाकिस्तान में रह रहे रिश्तेदारों के यहां जाने की जिद करता था. लेकिन हर बार वह उसको टाल देते थे. ATS खुलासे में पता चला कि नदीम रिश्तेदारी की आड़ में पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठनों से स्पेशल ट्रेनिंग लेने की फिराक में था. व्हाट्सएप कॉल पर इस बात की सच्चाई सामने आई है. आतंकी संगठन नदीम को पाकिस्तान बुलाने के लिए पैसों का लालच भी दे रहे थे.