जामिया में इंजीनियरिंग कर रहा मोहसिन निकला आईएसआईएस आतंकी, एनआईए ने किया गिरफ्तार, क्रिप्‍टोकरेंसी के जरिए भेजता था फंड

दिल्‍ली में सुरक्षा एजेंसी को स्‍वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी कामयाबी मिली है. एनआईए ने जामिया यूनिवर्सिटी से एक आईएसआईएस के आतंकी को गिरफ्तार किया है. बताया गया कि एनआईए की गिरफ्त में आया यह आतंकी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर रहा था. वहीं सामने आया है कि वह आतंकी गतिविधयों को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया और अन्य देशों में फंड भेज जाता था.

जामिया में इंजीनियरिंग कर रहा मोहसिन निकला आईएसआईएस आतंकी, एनआईए ने किया गिरफ्तार, क्रिप्‍टोकरेंसी के जरिए भेजता था फंड
गिरफ्तार किया गया मोहसिन

आईएसआईएस का एक्टिवेट मेंबर

एनआईए ने दिल्‍ली से एक आईएसआईएस आतंकी को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी स्‍वतंत्रस से पहले की गई है, जिसके चलते माना जा रहा है कि दिल्‍ली में आतंकी बड़ी वारदात की साजिश रच रहे थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार NIA ने दिल्ली के बाटला हाउस इलाके से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के इस आतंकी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार इस आतंकी का नाम मोहसिन अहमद बताया गया है. वह बिहार का रहने वाला है. मोहसिन कई दिनों से ISIS मॉड्यूल का एक्टिव मेंबर है. जानकारी के अनुसार, NIA की टीम ने बाटला हाउस के एक घर पर छापा मारा, जहां से मोहसिन को गिरफ्तार किया गया. वहीं छापेमारी में घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं.

 

जामिया मिलिया से मिली जानकारी

बताया जा रहा है कि दिल्ली के जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों ने मोहसिन के बारे में सूचना दी थी, जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की. यूनिवर्सिटी के छात्रों की माने तो उसने कई छात्रों को इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की. इस मामले में जांच एजेंसी ने 25 जून को ही मोहसिन के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसके बाद लगातार उसकी तलाश की जा रही थी. सामने आया है कि दिल्ली के बाटला हाउस के जोहाबाई एक्सटेंशन से गिरफ्तार मोहसिन अहमद खूंखार आतंकी संगठन ISIS के लिए फंड्स इकट्ठे कर रहा था. वो इस आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य भी था. मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना से ताल्लुक रखने वाले मोहसिन खान के बाटला हाउस स्थित ठिकाने की NIA ने तलाशी ली है, साथ ही ISIS के लिए ऑन ग्राउंड और ऑनलाइन अभियान चलाने के लिए उसे गिरफ्त में ले लिया.

क्रिप्‍टो के जरिए भेजा जाता था आतंकी फंड

रिपोर्ट के अनुसार इस सम्बन्ध में जांच एजेंसी ने जून 2022 में खुद ही संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था. मोहसिन अहमद को संस्था ने एक कट्टरवादी बताया है. भारत के साथ-साथ वो विदेश से भी ISIS से सम्बन्ध रखने वालों से फंड्स इकट्ठे कर रहा था. इसके बाद इस फंड को आतंकी संगठन की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया और अन्य देशों में भेजा जा रहा था. इस सम्बन्ध में आगे की जांच फ़िलहाल जारी है. NIA पता लगा रही है कि वो कहां और किस-किस के संपर्क में था, और इसमें उसके साथ कौन-कौन है, कितने पैसे कहां-कहां भेजे गए हैं.

 

आईएसआईएस कमांडरों के संपर्क में था

बताया गया कि जांच में पता चला है कि वो अफगानिस्तान और सीरिया में मौजूद आईएसआईएस के कमांडरों से संपर्क में था और उनको क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंड भेजता था. NIA के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मोहसिन अहमद ISIS के लिए भारत में फंडिंग करता था. जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए हुई ट्रांजेक्शन को किसने फंड किया. इसका हैंडलर कौन है और कहां बैठा है? यह आगे कहां पैसों की सप्लाई कर रहा था. किसके पास पैसा भेजा जा रहा था. वहीं उसका परिवार उसे एक मददगार के रूप में पेश करते हुए कह रहा है कि वो गरीबों को अनाज देता था.