जेल का डरः किसी ने किया प्रैंक, मनीष सिसौदिया समझे- भाजपा से बुलावा आया है, जमकर उड़ा मजाक

नई दिल्ली. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के सिर पर इस समय गिरफ्तारी की तलावर लटक रही है. नई शराब नीति की आड़ में हुए शराब घोटाले की परतें खुलती जा रही हैं और उसमें मनीष सिसौदिया की भूमिका लगातार संदिग्ध बनती जा रही है. ऐसे में पूरा आम आदमी पार्टी उन्हें शहीद बना देने पर तुली है. बात अब महाराणा प्रताप तक पहुंच गई है. सोमवार को दिन में मनीष सिसौदिया ने दावा किया कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी की ओर से पार्टी ज्वाइन करने का न्योता मिला है. साथ ही आश्वासन मिला है कि उनके केस वापस हो जाएंगे. लेकिन थोड़ी देर में ही सोशल मीडिया पर उनका मजाक बनने लगा. दरअसल ये एक प्रेंक मैसेज था, जो किसी यूजर ने उन्हें मजाक के तौर पर भेजा था.

जेल का डरः किसी ने किया प्रैंक, मनीष सिसौदिया समझे- भाजपा से बुलावा आया है, जमकर उड़ा मजाक
मनीष सिसौदिया. फाइल फोटो

आम आदमी पार्टी के सितारे इन दिनों गर्दिश में है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से जेल में हैं. तीन बार उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है. मनीलांड्रिंग के मामले में उनके खिलाफ सुबूत खासे पुख्ता हैं. अब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया भी जेल के दरवाजे पर बैठे हैं. नई शराब नीति के नाम पर लाइसेंस फीस माफ करने समेत कई गंभीर आरोप हैं. सिसौदिया को लेकर आम आदमी पार्टी में इसलिए भी बौखलाहट ज्यादा है क्योंकि सीबीआई की प्राथमिकी में नामजद सिसौदिया के दो सह अभियुक्त देश छोड़कर भाग गए हैं.

आम आदमी पार्टी की रणनीति इस समय यह है कि मामले को शराब नीति से मोड़कर दिल्ली की शिक्षा नीति की तरफ लाया जाए. उन्हें खुद ही पार्टी देश का सबसे अच्छा शिक्षा मंत्री का सर्टिफिकेट दे रही है, जबकि शराब घोटाले में उनकी भूमिका की बात करने पर आआप के प्रवक्ता कन्नी काट जाते हैं. फरार अभियुक्तों का लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद ये महज वक्ती बात मानी जा रही है कि सिसौदिया कब गिरफ्तार होते हैं. इस बीच दिल्ली के परिवहन विभाग में भी एक हजार बसों को लेकर घोटाला सामने आया है. इस तरह की खबरें हैं कि सीबीआई ने इस घोटाले में भी केस दर्ज कर लिया है.

ऐसे हालात में किसी ट्विटर यूजर ने उन्हें डीएम (मैसेज) किया कि अमित शाह की तरफ से उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया जाता है. अगर वह भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई के सभी केस वापस ले लिए जाएंगे. उन्हें राज्यसभा में लाकर केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा. यह एक प्रैंक था, जिसे मनीष सिसौदिया ने कुछ ज्यादा गंभीरता से ले लिया. उन्होंने आनन-फानन में शहीदी ट्वीट किया कि मुझे आम आदमी पार्टी तोड़कर भाजपा में शामिल होने का न्योता मिला है. फिर उन्होंने खुद ही स्वयंभू तरीके से महाराणा प्रताप का वशंज डिक्लेयर करते हुए कहा कि मैं कायर नहीं हूं.

अभी इस पर चर्चा ही शुरू हुई थी, लोग मनीष सिसौदिया की चुटकी लेने लगे. थोड़ी देर में साफ हुआ कि ये तो प्रैंक था. फैक्ट्स नाम के ट्विटर हैंडल ने अपने उस मैसेज का स्क्रिन शॉट शेयर किया, जो उसने प्रैंक के तौर पर मनीष सिसौदिया को भेजा था...