यूट्यूब से तरीका सीखा और घर में लगा ली नोट छापने की फैक्टरी

FIR. हमारे देश में हुनरमंद लोगों की कमी नहीं है. आप लोग यूट्यूब के जरिए खाना, मेकअप, नेचुरल रेमेडिज जैसी तमाम वीडियोज देखकर एक्सपर्ट बन जाता हैं मगर आजाद नाम के एक शख्स ने अपने हुनर का इस्तेमाल रातोंरात अमीर बनने के लिए किया. आठवीं पास आजाद ने आपने शातिर दिमाग से यहां नकली नोट तैयार करने का तरीका खोजा और न सिर्फ खोजा बल्कि चार महीने की प्रैक्टिस के बाद इस काम में महारथ हासिल कर ली. आजाद के इजात किए ये नकली नोट इतना असली लगते थे कि लोग जल्दी से इनमें फर्क नहीं कर पाते थे. पुलिस को सूचना मिली और जानकारी को पुखता कर पुलिस ने दबिश में इस नकली नोट गैंग के सरगना और उसकी टीम के साथ पुलिस को 6.59 लाख रुपए के नकली नोटों भी बरामद हुए.

यूट्यूब से तरीका सीखा और घर में लगा ली नोट छापने की फैक्टरी
पुलिस की गिरफ्त में नकली नोट छापने वाला गैंग

गाजियाबाद पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गैंग को पकड़ा है. ये लोग इस आपराधिक कला में इतना माहिर हो गए थे कि इनके बनाए नकली नोट को पहचान पाना मुश्किल होता था. इनके पास से पुलिस को 6.59 लाख रुपए मिले हैं और अब तक ये लोग करीब 12 लाख रुपए के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं. पुलिस के हिसाब से आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के इस्लामनगर से नकली नोटों का धंधा चला रहे थे. इनके कब्जे से 6.59 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं. इनमें 100 से लेकर 2000 के नोट शामिल हैं. एएसपी आकाश पटेल ने बताया कि टीम को इस्लामनगर निवासी यूनुस के मकान में नकली नोट बनाए जाने की सूचना मिली.  छापेमारी की गई तो मकान से 6.59 लाख के नकली नोट, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर और कागज के बंडल बरामद हुए. मौके से यूनुस के अलावा नगर कोतवाली के कालकागढ़ी निवासी अमन, मोती मस्जिद के पीछे कैलाभट्टा निवासी रहबर व सोनू उर्फ गंजा, चमन कॉलोनी निवासी आजाद, लालकुआं स्थित राज कंपाउंड निवासी आलम उर्फ आशीष तथा विजयनगर के पुराना कैलाश नगर निवासी फुरकान अब्बासी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आठवीं पास आजाद गिरोह का मास्टरमाइंड है. आजाद, सोनू और यूनुस नकली नोट बनाने का काम करते थे, जबकि बाकी आरोपी नकली नोटों को बाजार में चलाने का काम करते थे.

 

यूट्यूब बना अपराध की जननी

पूछताछ में मास्टरमाइंड आजाद ने बताया कि कुछ समय पहले उसने पेट्रोल पंप पर एक आदमी से रुपये खुलवाए थे. जिसने उसे कुछ नकली नोट थमा दिए. कुछ लोगों ने वो नोट नहीं लिए मगर किसी तरह उसने उन नकली नोटों को बाजार में चला दिया. जिसके बाद उसके दिमाग में नकली नोट बनाने का आइडिया आया. उसने मई 2021 में यू-ट्यूब पर नकली नोट बनाने का तरीका सर्च किया और चार महीने इसकी प्रैक्टिस करने के परपेक्ट नकली नोट बना दिया जो किसी मायने में असली नोट से कमतर नहीं था. ये लोग नकली नोट बनाने में मोल्ड कागज का इस्तेमाल करते थे. इसके अलावा नोट छपने के बाद आरोपी उस पर हरे रंग की बर्थ-डे टेप काटकर चिपका देते थे, ताकि हरी लाइन स्पष्ट दिखाई दे और लोग नोट को असली समझ लें. आरोपी नकली नोट इस तरह तैयार करते थे कि असली नोटों के बीच में कोई भी व्यक्ति आसानी से उसे पकड़ न सके. एएसपी ने बताया कि किसी बाहरी संगठन से आरोपियों का कोई लिंक सामने नहीं आया है. फिर भी देश की एजेंसियों को सूचना दे दी गई है. इसके बाद उसने दूसरे साथियों के साथ मिलकर इनको बाजार में चलाना शुरु किया.

 

 ऐसे चलाते थे बाजार में नकली नोट

ये लोग नकली नोट बाजार में चलाने के लिए छोटे व्यापारी, दुकानदार, ठेली वालों को निशाना बनाते थे. शहर में लगने वाले सभी पैंठ बाजार इनके लिए आसाना रास्ता थे. इनमें से एक साथी के भाई की घंटाघर मार्केट में चूड़ियों की दुकान है. जहां आने वाले ग्राहकों को ये लोग पुराने नोट देते थे. इनको पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया. सूचना मिली कि नकली नोट छापे जा रहे हैं, पुलिस टीम के एक सदस्य ने फोन पर सौदेबाजी की. आरोपियों ने कहा कि डेढ़ लाख रुपये के बदले साढ़े चार लाख रुपये के नकली नोट दे दिए जाएंगे. सूचना पुख्ता होने के बाद मौके पर छापेमारी की गई थी और इन सात लोगों के गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक ये लोग बाजार में अब तक करीब 12 लाख रुपये खपा चुके हैं.