अमरावती में भी उदयपुर की तरह जिहादियों ने व्यापारी का गला रेता, उधव ठाकरे हजम कर गए एक हिंदू का सरे-सड़क कत्ल

महाराष्ट्र के अमरावती से भी राजस्थान के उदयपुर की तरह ही एक व्यापारी का गला रेतने का मामला सामने आया है. यह हत्या भी जिहादियों ने की, नुपूर शर्मा के बयान का समर्थन करने पर की. यह वारदात उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या की घटना से पुरानी है. तकरीबन 11 दिन पुरानी. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री उधव ठाकरे के हाथ में तब महाराष्ट्र की सत्ता थी. वह इस सनसनीखेज हत्या को हजम कर गए. अब राज्य में सत्ता बदली. शिंदे गुट-भाजपा की सरकार बनी, तो मामला सामने आया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दखल देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) को इसकी भी जांच सौंप दी है. एनआईए की टीम शनिवार को इसकी जांच के लिए अमरावती पहुंच गई.

अमरावती में भी उदयपुर की तरह जिहादियों ने व्यापारी का गला रेता, उधव ठाकरे हजम कर गए एक हिंदू का सरे-सड़क कत्ल
अमरावती जांच के लिए पहुंची एनआईए की टीम. सौजन्य- सोशल मीडिया

ऐसे हुई हत्या

महाराष्ट्र के अमरावती शहर में 54 वर्षीय केमिस्ट की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. घटना 21 जून को रात 10.30 बजे की है. उमेश कोल्हे अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे. उमेश के बेटे 27 वर्षीय संकेत और उनकी पत्नी वैष्णवी उनके साथ एक अन्य स्कूटर पर थे. संकेत द्वारा लिखाई एफआईआर में कहा गया है- 'हम प्रभात चौक से जा रहे थे और हमारे स्कूटर महिला कॉलेज न्यू हाई स्कूल के गेट पर पहुंच गये थे. तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो आदमी अचानक मेरे पिता की स्कूटी के सामने आ गए. उन्होंने मेरे पिता की स्कूटी रोक दी और उनमें से एक ने उनकी गर्दन के बाईं ओर चाकू से वार कर दिया. पिता गिर गए और खून बह रहा था. मैंने अपना स्कूटर रोका और मदद के लिए चिल्लाने लगा. एक अन्य व्यक्ति आया और तीनों मोटरसाइकिल पर मौके से फरार हो गए.

मकतूल उमेश कोल्हे

नुपूर शर्मा का किया था समर्थन

कोल्हे को अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. अमरावती शहर पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों ने हमें बताया है कि उन्होंने एक अन्य आरोपी की मदद मांगी. जिसने उन्हें एक कार और भागने के लिए 10,000 रुपये मुहैया कराए. जांच के दौरान पता चला कि कोल्हे ने व्हाट्सएप पर नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित किया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक ने कहा कि यह पैगंबर का अपमान है और इसलिए उन्हें मरना चाहिए.

एनआईए को जांच

इस मामले की जांच भी एनआईए को सौंप दी गई है. एनआईए के अधिकारी अमरावती पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं. उमेश कोल्हे के बेटे संकेत की शिकायत के बाद अमरावती में सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन द्वारा प्रारंभिक जांच शुरू की गई. इस मामले में मुद्दसिर अहमद और शाहरुख पठान को गिरफ्तार किया गया. उनसे पूछताछ में चार और लोगों की संलिप्तता का पता चला. जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक शमीम अहमद फिरोज अहमद फरार है.