31 अगस्त को घर में पधार रहे हैं गणपति बप्पा, ऐसे करें पूजन और स्थापना

महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी का त्योहार 31 अगस्त को मनाया जाएगा. तो आइए इस बार शुभ महूर्त में करें गणपति बप्पा की स्थापना.

31 अगस्त को घर में पधार रहे हैं गणपति बप्पा, ऐसे करें पूजन और स्थापना

जन्माष्टमी का त्योहार के बाद ही बाजारों में गणेश उत्सव की धूम दिखने लगी है. बाजारों और सड़क किनारे बैठे मूर्तिकारों के पास गणपति ढेरों प्रतिमा हैं. 30 अगस्त को भगवान गणेश की स्थापना लोग अपने घरों में करेंगे. पूजन करने के बप्पा को विसर्जित भी करेंगे. आपको पूरी जानकारी कि घर में किस मुहूर्त में गणपति को विराजे जाएंगे.

 

इस समय में स्थापित होंगे गणपति बप्पा 

ये गणेश जी दोपहरिया गणेश कहलाते हैं यानि घर में गणेश जी की प्रतिमा दोपहर 12 बजे स्थापित की जा सकती है. इस बार चतुर्थी तिथि 30 अगस्त को दोपहर 2.23 मिनट पर आ जाएगी. जो 31 अगस्त को दोपहर 1.47 तक रहेगी यानि 31 अगस्त उदया तिथि में गणेश चर्तुथी मनाएगी जाएगी. भले ही चर्तुथी तिथि दोपहर तक हो लेकिन गणेश स्थापना पूरे दिन तक की जा सकेगी. चलिए जानते है 31 अगस्त को कौन-कौन से मुहूर्त आने वाले हैं.

 

31 अगस्त को गणेश चतुर्थी स्थापना के मुहूर्त

लाभ, अमृत – सुबह 6 से 9 बजे तक

शुभ चौघड़िया – सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक

चर और लाभ – दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक

शुभ और अमृत – शाम 7ः30 बजे से रात 10ः30 बजे तक

 

गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त

 

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ 30 अगस्त 2022 को 02ः33 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त 31 अगस्त 2022 को 01ः47 बजे

गणेश चतुर्थी व्रत पूजन की तारीख: 31 अगस्त 2022

 

गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट

 

भगवान गणेश की प्रतिमा

लाल कपड़ा, जनेऊ

दूर्वा, कलश

नारियल, रोली

पंचामृत, मौली लाल

पंचमेवा, गंगाजल

 

पूजन सामग्री – गणेश चतुर्थी 2022 पूजा- विधि 

गणेश चतुर्थी के दिन प्रातःकाल स्नान आदि करके घर के मंदिर में दीपक जलाएंगे. अब व्रत पूजा का संकल्प लें. इस दिन शुभ मुहूर्त में भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की जाती है. भक्त अपनी इच्छानुसार गणपति की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद प्रतिमा का गंगाजल से अभिषेक करें. अब भगवान श्री गणेश को पुष्प. दूर्वा घास अर्पित करें. दूर्वा घास भगवान गणेश को अति प्रिय है. मान्यता है कि दूर्वा चढ़ाने से भगवान गणेश प्रसन्न होकर भक्तों के सारे संकट हर लेते हैं. भगवान गणेश की पूजा के दौरान उन्हें सिंदूर लगाएं तथा उनका प्रिय भोग मोदक या लड्डू अर्पित करें. पूजा के अंत में भगवान गणेश जी की आरती करके उन्हें प्रणाम करें और क्षमा प्रार्थना करें. अंत में प्रसाद वितरण करें.