भारत को इस्लामिक देश बनाने के लिए बिहार में 15000 को आतंकी ट्रेनिंग, 12 जिलों में पीएफआई के टेरर सेंटर

बिहार में पीएफआई के दफ्तर पर छापेमारी के बाद सामने आए “मिशन 2047” के मंसूबे चौंकाने वाले हैं. इन मंसूबों को पूरा करने में जुटे आतंकियों के गिरफ्तार साथियों ने कई ऐसे राज उगले हैं, जिससे इनके खतरनाक मंसूबे सामने आते हैं. जहां बताया गया कि अब तक इन ठिकानों पर PFI 15000 से अधिक मुस्लिम युवाओं को अस्त्र-शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग दे चुकी है. वहीं युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए राज्य में एक दर्जन ऑफिस खोले गए हैं.

भारत को इस्लामिक देश बनाने के लिए बिहार में 15000 को आतंकी ट्रेनिंग,  12 जिलों में पीएफआई के टेरर सेंटर
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गजवा-ए-हिंद के स्‍लीपर सेल

बिहार में पटना के फुलवारीशरीफ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफआई) द्वारा रची गई आतंकी साजिश में आए दिन चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब पटना पुलिस को संदिग्ध आतंकी अतहर परवेज और अरमान मलिक ने पूछताछ में खुलासा किया है कि बिहार में पीएफआई ने अब तक 15 हजार से अधिक मुस्लिम युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग दी है. इनसे ही आतंकी मरगूब ने आतंकी संगठन ‘गजवा-ए-हिंद’ के स्लीपर सेल बना रखे थे. जिसका मकसद 2023 में देश के खिलाफ जिहाद छेड़ना था. वहीं इस खुलासे के बाद अब आतंक की ट्रेनिंग पाए इन स्‍लीपर सेल की शिनाख्‍त कर पाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है. जिसके लिए बड़े स्‍तर पर खुफिया एजेंसियां जांच में जुटी हैं.

 

15000 युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग

इस मामले को लेकर पुलिस के हवाले से बताया गया है कि दोनों संदिग्ध आतंकियों ने खुलासा किया है कि पीएफआई द्वारा इन जिलों में शारीरिक शिक्षा के नाम पर मुस्लिम युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही थी. सामने आया है कि बिहार में इन आतंकी ट्रेनिंग के इन ठिकानों पर पीएफआई अब तक 15000 से अधिक मुस्लिम युवाओं को अस्त्र-शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग दे चुकी है. युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए राज्य में करीब 12 जिलों में ऑफिस खोले गए थे. जबकि, पूर्णिया को PFI का हेड क्वार्टर बनाया गया था. देश विरोधी गतिविधियों की इस बड़ी साजिश की जांच अब एनआइए और प्रवर्तन निदेशालय भी कर सकते हैं.

 

केरल और कर्नाटक के प्रशिक्षकों का खुलासा

रिपोर्ट के मताबिक अब तक मिली जानकारी के अनुसार अतहर और अरमान मलिक ने पूछताछ में दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक से आने वाले आतंक के प्रशिक्षकों के नाम उजागर किए हैं. जो बिहार में मुस्लिम युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण दे रहे थे. कहा जा रहा है कि दोनों आतंकियों ने PFI की आड़ में दो अन्य विंग और सिमी के पूर्व सदस्यों को संगठन में जोड़ने का उद्देश्य भी पुलिस को बताए हैं. वहीं रिमांड पर लिए गए दोनों संदिग्ध आतंकियों से PFI की फंडिंग को लेकर भी कई सवाल किए गए हैं. रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि, PFI के बैंक अकाउंट में करीब 90 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन किए जाने के सबूत मिले है.

 

अब तक चार हो चुके हैं गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार फुलवारी शरीफ के नया टोला से 11 जुलाई, 2022 को पटना पुलिस ने अतहर परवेज और जलालुद्दीन को और 14 जुलाई को अरमान मल्लिक को अपने कब्जे में लिया था. वे फुलवारीशरीफ में शारीरिक प्रशिक्षण की आड़ में आतंकी प्रशिक्षण देते तथा भारत को 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र (गजवा-ए-हिन्द) बनाने की साजिश से जुड़े हैं. इसके बाद बिहार पुलिस की जाँच के दौरान इनके पूरे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हो गया. रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में कुल 26 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है. आरोपितों में से 4 को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. उनसे मिली जानकारियों के आधार पर आगे की जाँच चल रही है.