बच्‍चों ने खेला पापा के मोबाइल पर गेम, एकाउंट हो गए खाली, एक से 39 लाख और दूसरे से 12 लाख साफ

बच्‍चों के ऑनलाइन गेम की लत आजकल बड़े नुकसान करा रही है. आगरा में सामने आए मामले में ऑनलाइन मोबाइल गेम के चक्‍कर में बच्‍चों ने पापा का अकाउंट ही खाली कर दिया. बच्‍चे गेम खेलते रहे और उनके पापा के अकाउंट से लाखों रुपए कट गए. इस मामले में दर्ज की गई शिकायत के बाद यह मामला सामने आया. जिसको लेकर साइबर सेल जांच में जुटी है.

बच्‍चों ने खेला पापा के मोबाइल पर गेम, एकाउंट हो गए खाली, एक से 39 लाख और दूसरे से 12 लाख साफ
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ऑनलाइन क्‍लासेज से मोबाइल गेम

मां-बाप ने बच्‍चों को कोरोना के दौरान ऑनलाइन क्‍लासेज में पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया था. ऑनलाइन पढ़ाई करते-करते बच्‍चे मोबाइल पर गे‍मिक की ओर मुड़ गए. अब बच्‍चे ऑनलाइन मोबाइल गेमिंग पर आकर टिक गए हैं. जिसके चलते बच्‍चों और उनके परिजनों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं अब बच्‍चों को दिए गए मोबाइल के दुष्परिणाम रोज सामने आ रहे हैं. आगरा में भी दो बच्चों को मोबाइल पर गेम खेलने की लत ऐसी लत लगी कि एक बच्‍चे के पिता के खाते से 39 लाख तो दूसरे के पिता के खाते से 12 लाख रुपये कट गए. जब यह रकम खातों से कटने की बात परिवार वालों को पता चली तो उनके होश उड़ गए. आगरा के रेंज साइबर थाने में गेम प्रोवाइडर कंपनी के खिलाफ मुकदमा लिखा गया.

 

आखिर अब कैसे मिलेंगे पैसे

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में खास बात यह है कि रेंज साइबर थाना पुलिस भी यह समझ नहीं पा रही है कि अब किस आधार पर कार्रवाई करे. जिसको लेकर एक्सपर्ट की राय ली जा रही है. बताया गया कि इस सिंगापुर बेस गेम प्रोवाइडर कंपनी के पास पैरोकारों की फौज है. वे बोल रहे हैं कि गेम डाउनलोड करते समय कई शर्ते लिखी होती हैं. उन्हीं शर्तों को मानने के बाद ही गेम डाउनलोड होता है. ऐसे में अब यह मसला फंस गया है‍ कि जब शर्ते मानने के लिए क्लिक किया जाता है तो आप सहमत होते हैं. इसके बाद अगर आपके अकाउंट से इन शर्तों के अनुसार पैसे कटते हैं तो वापसी के लिए कोई रास्‍ता नहीं बचता. लेकिन अब सवाल है कि गेम बच्‍चे खेल रहे हैं और अकाउंट उनके परिजनों का इस्‍तेमाल हो रहा है.

 

आधुनिक हथियार खरीदने के लिए होता है पेमेंट

ऑनलाइन मोबाइल गेम में आगे की स्टेज और आधुनिक हथियार खरीदने के लिए भुगतान करना होता है. गेम खेलने वाला जैसे ही उसे ओके करता है तुरंत उसके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं. इन बच्‍चों के केस में भी इस तरह ही खाते से रकम कटी. अब इस मामले में जो पैसा कटा उसमें कंपनी की गलती बताई गई है. जबकि यह अभिभावकों की गलती है. उन्हें यह देखना चाहिए था कि बच्चे क्या कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार दोनों ही पीड़ित रिटायर फौजी हैं. रेंज साइबर थाना पुलिस ने भी तय कर लिया है कि कानूनी कार्रवाई करनी है. विधिक राय ली गई है. रेंज साइबर थाना प्रभारी आकाश सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है. मोबाइल पर बच्चा क्या कर रहा है इसकी पड़ताल जरूर करें.

 

विदेशी खाते में पहुंची रकम

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खंदौली क्षेत्र के रहने वाले सेवानिवृत्त फौजी के खाते से यह 39 लाख रुपये निकले थे. साइबर थाना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम पेटीएम से कोडा पेमेंट और इसके बाद सिंगापुर के एक खाते में ट्रांसफर हुई थी. खाता क्राफ्टन कंपनी का है. इस कंपनी का बैटल ग्राउंड्स इंडिया के नाम से मोबाइल गेम एप है. जो भारत में बहुत प्रचलित है. इंडिया में पबजी प्रतिबंधित है. पबजी के बाद मोबाइल गेम खेलने वाले इसके दीवाने हो गए हैं. दिनभर मोबाइल पर इसे खेलते रहते हैं. आगे होने वाले प्रोसेस में यह जानने की होड़ में बिना यह जाने की कितनी रकम कटेगी यस करते चले जाते हैं. इसके साथ ही रकम कटती चली जाती है.

 

ऐसे करें गूगल प्ले स्टोर को कंट्रोल

बच्‍चों के हाथ में मोबाइल देने से पहले कंट्रोल करना आवश्‍यक होता है. जिसके लिए गूगल प्‍ले स्‍टोर पर जाकर सेटिंग करनी होती है. अगर ऐसे फ्रॉड से बचना है तो परिजनों को यह सेटिंग जरूर करनी चाहिए. इसके लिए पहले गूगल प्ले स्टोर पर जाइए. ऊपर दिख रहे तीन बार पर क्लिक करें. यहां से आपको सेटिंग का ऑप्शन मिलेगा. सेटिंग के अंदर जाने पर आपको फैमिली ऑप्शन में पैरेंटल कंट्रोल दिखेगा. इसे ऑन करते ही पिन मांगेंगा वहां पर जाकर आप नया पिन डाल दें. जो आपको याद रहे. ताकि कुछ और डाउनलोड करना हो तो पिन का प्रयोग कर सकें.