चार धाम यात्रा की हुई शुरुआत, रजिस्ट्रेशन होने पर ही हो सकेंगे दर्शन

चार धाम की यात्रा की शुरुआत हो गई है. आप भी इस यात्रा को कर सकते हैं मगर सरकार द्वारा बनाए गए कुछ नियमों का पालन करना होगा.

चार धाम यात्रा की हुई शुरुआत, रजिस्ट्रेशन होने पर ही हो सकेंगे दर्शन

अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चार धाम यात्रा शुरू हो गई है. हर साल की तरह इस बार भी देश भर से श्रद्धालु चार धाम की यात्रा करने पहुंचेंगे. 3 मई 2022 को गंगोली और यमुनोत्री मंदिरो के कपाट 6 मई को और बद्रीनाथ के कपाट 8 मई को खुलेंगे. कोरोना के बढ़ते ममलो को देखते हुए सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए सब कुछ गाइडलाईंस जारी किये है. सरकार ने दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सिमित कर दी है. बिना रजिस्ट्रेशन श्रद्धालुओं की संख्या को एंट्री नहीं मिलेगी.

अगले 45 दिनों के लिए सरकार ने नियम बनाये है. संख्या को सीमित  कर दी है. बद्रीनाथ में रोजाना केवल 15,000, केदारनाथ में 12,000, गंगोत्री में 7,000 और यमुनोत्री में 4,000 श्रद्धालु ही जा सकेंगे.

 

कोरोना वेक्सीन सेर्टिफिकेट जरुरी नहीं लेकिन रजिस्ट्रशन जरुरी

श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए सरकार ने कोरोना टेस्ट और वेक्सिनेशन सर्टिफिकेट की जाँच को अनिवार्य नहीं किया हे साथ ही रजिस्ट्रेशन को जरुरी बाताया है. आप उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए registrationandtouristcare.uk.gov.in पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते है. रजिस्ट्रेशन के बाद आपको क्यूआर कोड के साथ यात्रा रजिस्ट्रेशन जनरेट करना होगा. इसका वेरिफिकेशन धाम पर होगा.

लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन के आपकी एंट्री नहीं होगी और न ही आप दर्शन कर पाएंगे अगर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे है तो उत्तराखंड सरकार की और से हरिद्वार, देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयोग और उत्तरकाशी जिलों में 24 रेजिस्ट्रेशन केंद्र बनाये गए है जहां आप रजिस्ट्रेशन करा सकते है. ऑफ़लाइन रजिस्ट्रेशन कराने वालो को हाईटेक कलाई बेंड दिया जायेगा अगर आप अपनी कार से जाना चाहते है तो आपको गाड़ी की फिटनेस चेक करानी होगी. उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था, खान- पान और पार्किंग की व्यवस्था भी की है.