भैया इज बैक: रेप के आरोपी ने जमानत मिलने पर लगाए पोस्टर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “भैया को संभालकर रखो”

मध्‍यप्रदेश में बलात्‍कार के एक आरोपी को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसका भव्‍य स्‍वागत किया गया. जमानत की खुशी में होर्डिंग लगाए गए. जिन पर आरोपी के स्‍वागत में लिखा था कि “भैज जी इस बैक.” जिसको लेकर पी‍ड़‍ित महिला ने जमानत को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया. जहां दुष्‍कर्म के आरोपी का भव्‍य स्‍वागत देखकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्‍पणी करते हुए कहा, “अपने भैया को संभालकर रखो.”

भैया इज बैक:  रेप के आरोपी ने जमानत मिलने पर लगाए पोस्टर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “भैया को संभालकर रखो”
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बलात्‍कार के आरोपी की जमात सेलीब्रेशन

मामला मध्‍यप्रदेश का है, जहां एक महिला के साथ बलात्‍कार के आरोपी को जब जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया, तो लोगों ने उसकी जमानत को सेलीब्रेट किया. मानों कोई नेता जेल से बाहर आया हो. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस रेप के आरोपी की जमानत को 'सेलीब्रेट' करने के मामले में सख्त नाराजगी जाहिर की है. जहां बलात्कार के मामले में आरोपी छात्र नेता की जमानत का स्वागत करते हुए उसके चाहने वालों ने तमाम पोस्टरों और होर्डिंग्‍स में लिखा था, "भैया इज बैक."

 

महिला ने जमानत को दी चुनौती

बलात्कार के आरोपी का भव्‍य स्‍वागत देखकर हर कोई हैरान था, सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा काफी चला था. जिसको लेक मध्य प्रदेश की रहने वाली पीड़‍ित महिला ने आरोपी की जमानत को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था. जिसमें महिला की ओर से कहा गया था कि आरोपी ने उससे शादी के झूठे वादे किए और उसके साथ बार-बार बलात्कार किया, यही नहीं आरोपी ने उसे एक बच्चे का गर्भपात कराने के लिए मजबूर भी किया. इसके बाद उसको जमानत मिलने पर आरोपी के स्‍वागत में होर्डिंग और बैनर लगाए गए.

 

“अपने भैया से एक सप्‍ताह सावधान रहने के लिए कहिए”

इस मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अगुवाई वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ का हिस्सा न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने आरोपी के वकील से पूछा, "वहां होर्डिंग लगा है जिस पर लिखा है कि 'भैया इज बैक.' आप किस चीज को सेलीब्रेट कर रहे हैं? आप किस बात की खुशी मना रहे हैं." खुद मुख्य न्यायाधीश ने भी कहा, "यह क्या है 'भैया इज बैक'?" भारत के मुख्य न्यायाधीश ने आरोपी के वकील से कहा, "अपने भैया से इस एक सप्ताह सावधान रहने के लिए कहिए."

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छात्र नेता है आरोपी

एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी शुभांग गोंटिया स्‍टूडेंट लीडर है. पोस्टरों की जानकारी महिला ने आरोपी की जमानत रद्द करने के खिलाफ याचिका में दी थी. कोर्ट ने आरोपी शुभांग गोंटिया को नोटिस जारी कर पूछा है, कि क्यों न उनकी जमानत रद्द कर दी जाए. कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से भी जवाब मांगा है. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने नवंबर में शुभांग गोंटिया को जमानत दी थी. अपनी याचिका में, महिला ने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने मामले के तथ्यों पर गंभीरता से विचार नहीं किया.

 

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शादी का दिखावा और फिर गर्भपात

वहीं इस मामले में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत को बताया गया कि आरोपी ने एक निजी समारोह में महिला के माथे पर सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहनाया था, लेकिन सार्वजनिक रूप से उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. यह भी आरोप लगाया कि जब वह गर्भवती हुई तो उसका जबरन गर्भपात करा दिया गया. इसके बाद महिला ने जबलपुर महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था. बताया गया कि मामला दर्ज होते ही गोंटिया भाग गया था. आरोपी के खिलाफ जून 2021 में दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस ने ₹5,000 के इनाम की घोषणा की थी. कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को करेगा.