काली के अपमान पर कनाडा ने मांगी माफी, नहीं दिखाई जाएगी डॉक्यूमेंट्री

नई दिल्ली. हिंदुओं का एकजुट विरोध रंग ला रहा है. मां काली का अपमान करने वाली जिस डॉक्यूमेंट्री का विरोध हो रहा था, उसे अब कनाडा के म्यूजियम ने न दिखाने का फैसला तो किया ही है, साथ ही इसके लिए माफी भी मांगी है. डॉक्यूमेंट्री के पोस्टर में ही मां काली को सिगरेट पीते हुए और हाथ मे समलैंगिकों का झंडा थामे हुए दिखाया गया था.

काली के अपमान पर कनाडा ने मांगी माफी, नहीं दिखाई जाएगी डॉक्यूमेंट्री
डॉक्यूमेंट्री काली का विवादास्पद पोस्टर. (आपत्तिजनक हिस्से तस्वीर से हटाए गए हैं)

म्यूजियम ने माफी में ये कहा

यह डॉक्यूमेंट्री आगा खां म्यूजियम द्वारा प्रदर्शित की जानी थी. अब म्यूजियम की ओर से बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि कि हमें गहरा खेद है कि 'अंडर द टेंट' प्रोजेक्ट के तहत म्यूजियम में प्रस्तुत 18 शॉर्ट वीडियो द्वारा सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट ने हिंदू और अन्य धार्मिक समुदायों को अनजाने में अपमानित किया है. ऐसे में काली फिल्म का म्यूजियम में प्रस्तुतिकरण नहीं किया जाएगा. संग्रहालय का मिशन कला के माध्यम से अलग-अलग सांस्कृतियों के बीच समझ और संवाद को बढ़ावा देना है. विविध धार्मिक अभिव्यक्तियों और आस्था समुदायों का सम्मान उस मिशन का एक अभिन्न अंग है.

भारतीय उच्चायोग ने की थी शिकायत

काली का पोस्टर जारी होने पर काफी विवाद खड़ा हो गया था. इसके चलते ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. उच्चायोग ने कहा था कि कनाडा में हिंदू समुदाय के नेताओं से हमें शिकायतें मिली हैं कि फिल्म के एक पोस्टर में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है. इसे देखते हुए कनाडा के अधिकारियों एवं समारोह के आयोजकों से इस तरह की सामग्रियों को हटाने का अनुरोध किया गया था. इस फिल्म को टोरंटो स्थित आगा खान संग्रहालय में 'अंडर द टेंट' प्रोजेक्ट के तहत दिखाया गया है.

भारत में रिपोर्ट दर्ज

फिल्म निर्माता लीना का भारत में भी पुरजोर विरोध हो रहा है. पोस्टर में मां काली के मेकअप में एक लड़की की सिगरेट पीते हुए और समलैंगिकों का झंडा थामे दिखाने के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश में रिपोर्ट दर्ज हो गई है.