Horror Story: वो लाशें चुराता था, फिर उन्हें गुड़िया बनाकर घर में रखता था

इतिहासकार, पत्रकार, 13 भाषाओं का जानकार... लेकिन लाशों को गुड़िया बनाकर सजाता था अपने घर में...

Horror Story: वो लाशें चुराता था, फिर उन्हें गुड़िया बनाकर घर में रखता था
  • एक इतिहासकार जिसने घर को बना दिया ममी घर
  • कब्रों से लड़कियों के शव निकालकर घर में सजाता था
  • उसके घर से बरामद किए गए थे 26 लड़कियों के शव
  • पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया बीमारी से ग्रस्‍त, चल रहा इलाज
  • शादी के लिए रिहा करने की मांग से फिर चर्चा में आया 

अनातोली मोस्कविन नामक ये कुख्यात अपराधी लड़कियों की लाश को कब्रिस्‍तान से चुराकर अपने घर ले जाता था। फिर उन्‍हें घर में गुड़िया के रूप में सजाकर रखता था। पुलिस ने जब उसके घर की तलाशी ली तो 26 लड़कियों की लाशें बरामद की गई थीं। चलिए जानते हैं इस इतिहासकार के इतिहास को, आखिर क्या है उसकी हॉरर स्टोरी...

अनातोली यूरीविच मोस्‍कविन

अनातोली यूरीविच मोस्कविन एक रूसी भाषाविद्, भाषाविद्( कई अन्‍य भाषाओें का ज्ञाता) और निज़नी नोवगोरोड का इतिहासकार है। जिसे 2011 में 3 से 25 साल उम्र की 26 लड़कियों और महिलाओं के शवों को उसके अपार्टमेंट से मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। मोस्‍कविन ने स्थानीय कब्रिस्तानों से शवों को निकालने के बाद उन्‍हें घर में रखने के लिए ममी के रूप में तैयार किया था। अपार्टमेंट साझा करके रह रहे मोस्कविन के माता-पिता इन ममियों के बारे में जानते थे, लेकिन उन्‍होंने उन्हें बड़ी गुड़िया समझ लिया था। एक मनोरोग जांच के बाद निर्धारित किया गया कि मोस्कविन को एक अलग किस्म के पैरानॉयड सिज़ोफ्रेनिया की बीमारी है. मई 2012 में अदालत द्वारा मोस्‍कविन को मनोरोग जांच के लिए निर्देश दिए गए थे। इसके बाद से ही उसे सजा के तौर पर एक मनोरोग अस्पताल में रखा गया है।

काले जादू से करना चाहता था जिंदा

गिरफ्तारी के बाद एक इंटरव्‍यू में मोस्कविन ने कहा कि उसे मृत बच्चों के लिए बहुत सहानुभूति है और उसने सोचा कि उन्हें विज्ञान या काले जादू के द्वारा वापस लाया जा सकता है। उसने बताया कि सेल्टिक संस्कृति के विशेषज्ञ के रूप में उसने सीखा कि प्राचीन समय में लोग अपने मृतकों की आत्माओं के साथ बात करने के लिए उनकी कब्रों पर सोते थे। उसने साइबेरिया के लोगों की संस्कृति का भी अध्ययन किया,  जिसमें पता चला कि मृतकों के साथ बात करने के लिए उनके पास विशेष रूप से प्राचीन याकूत था। इसी वहम में मोस्कविन ने कब्रिस्तानों में भटकना शुरू किया। उसका दावा है कि उसे एक कब्र पर जाकर ऐसा लगा कि वो बच्चा उससे बात कर रहा है। बस उसने कब्र पर सोना शुरू कर दिया। वह बच्चे की आत्मा से बात करता, वापस उसे जीवन देने के बारे में पूछता. मोस्कविन का कहना है कि उसने किसी भी कब्र को उसमें मौजूद लाश से पूछे बगैर नहीं खोदा। वह पहले तो कब्रों पर ही बैठकर उनसे बात करता था। लेकिन फिर उसे ये मुश्किल लगने लगा, तो वह इन लाशों को खोदकर घर लाने लगा। उसका कहना था कि घर में बैठकर वह इन लाशों से बात करता था. वह बीस वर्षों से ऐसा कर रहा था।

लाशों को ममी के रूप में गुड़‍िया बनाकर रखता

मोस्‍कविन ने लाशों को निकालने के बाद उन्‍हें संरक्षित करने के लिए ममी बनाने के तरीकों पर काफी रिसर्च किया। वह कब्र खोदता। लाश निकालता। कब्रिस्तान में ही या किसी सुरक्षित जगह इन्हें छिपाकर नमक और बेकिंग सोडा की मदद से इन्हें सुखाता था। लाशें जब सूख जाती तो वह इन्हें घर ले आता। लेकिन इसमें एक दिक्कत थी। लाशें सूखने के बाद बदसूरत हो जाती। तो उसने इन्हें मोम की मदद से गुड़िया बनाना शुरू कर दिया। इन्हें मोम के जरिये गुड़िया बनाकर वह वह इनका मेकअप करता, चमकीले कपड़े पहनाता।

शव दफनानें की रस्‍मों में थी रूचि

मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के भाषाविद् संकाय से स्नातक करने के बाद मोस्कविन अकादमिक सर्कल में प्रसिद्ध हो गया था। मोस्‍कविन पढा़ई में रूचि के मुख्य क्षेत्र सेल्टिक इतिहास और लोक कथाओं के साथ-साथ भाषाएं और भाषाविज्ञान थे। मोस्कविन को कब्रिस्तानों में शव दफनाने की रस्मों, मृत्यु और जादू-टोने में गहरी दिलचस्पी थी। अनातोली ने 60,000 से अधिक पुस्तकों और दस्तावेजों का एक निजी पुस्तकालय और साथ ही एक बड़ा गुड़िया संग्रहालय बना रखा था। उसने कभी शादी नहीं की और ना ही किसी महिला को डेट किया। उसने हमेशा अपने माता-पिता के साथ रहना पसंद किया।

 13 भाषाओं का ज्ञाता

निज़नी नोवगोरोड में मोस्कविन ने पहले विदेशी भाषा संस्थान में काम किया था। इसके बाद भाषाई  और विश्वविद्यालय के सेल्टिक अध्ययन में एक टीचर के रूप में काम किया। वह 13 भाषाएं बोल सकता है। मोस्कविन ने बीच-बीच में एक पत्रकार के रूप में भी काम किया। खुद को "नेक्रोपोलिस्ट" बताते हुए, मोस्कविन को निज़नी नोवगोरोड क्षेत्र में स्थानीय कब्रिस्तानों का विशेषज्ञ माना जाता था।

700 से अधिक कब्रिस्‍तानों में घूमा

मोस्कविन कब्रिस्तानों को लेकर दीवाना था। 2005 से 2007 के बीच उसने 752 कब्रिस्तानों का दौरा किया। इन दौरान उसने पोखरों से पानी पिया, घास के ढेरों और खेतों में रातें बिताईं, कब्रिस्तान में सोया।  यहाँ तक कि एक अंतिम संस्कार के लिए तैयार किए जा रहे ताबूत में सोया। मोस्कविन को 2 नवंबर 2011 में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसे मनोरोगी पाया गया। जिसके चलते उस पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। लेकिन उसे मनोरोगों के अस्पताल में भर्ती कर दिया गया।

लाशों के बीच जीता था

पुलिस के मुताबिक मोस्कविन इन लाशों के बीच जीता था। वह इन्हें जिंदा मानता था। अपना जन्मदिन इनके बीच मनाता। पार्टी करता। यहां तक कि इनके साथ बैठकर खाना खाता, गाने गाता। मोस्कविन ने शादी करने के लिए अदालत में अपील की। उसकी मांग थी कि उसे रिहा कर दिया जाए। अदालत ने उसे गंभीर मनोरोगी मानते हुए रिहा करने से इंकार कर दिया।