68 की उम्र और पांच बलात्कार के मुकदमे

FIR. देश में महिलाओं के साथ हो रहे रेप और छेड़छाड़ के मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जाता है और लेना भी चाहिए. मगर उनका क्या जो इस घिनौनी घटनओं को झूठा बनाकर बेगुनाह लोगों को फंसाने की धमकी देती है. कड़वी है मगर सच है, देश में जो भी कानून लोगों के साथ हो रहे गलत व्यवहार के लिए बनते हैं उनमें पीडितों को फायदा कम मिलता है और वो लोग मालामाल हो जाते हैं जो इन नियमों का दुरुपयोग करते हैं.

68 की उम्र और पांच बलात्कार के मुकदमे
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गोरखपुर में एक ऐसा ही गिरोह काम कर रहा है. जिसकी सभी महिला सदस्य लोगों पर रेप का झूठा इल्जाम लगाती हैं और पुलिस की धमकी देकर पैसे ऐंठती हैं. फंसा हुआ इंसान अपनी इज्जत समाज में उछलने के डर से उनको पैसे देता रहता है और ये सिलसिला तब तक चलता है जब तक गिरोह का मुखिया इन महिलाओं को इशारा नहीं करता कि अब वसूली बंद कर दो.

 

तहरीर करके देती थीं धमकी

गोरखपुर शहर में ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो लोगों को रेप के झूठे मामले में फंसाकर रुपये ऐंठ रहा है. गैंग की महिलाएं मास्टरमाइंड के इशारे पर तहरीर देती हैं और रुपये मिलते के बाद शांत हो जाती है. एक बार जो इनके जाल में फंसता है उस से तब तक पैसा वसूला जाता है जब तक गिरोह का सरगना मना न कर दे. गीडा पुलिस ने पीडि़त परिवार की बहू की तहरीर पर एक महिला, दो अज्ञात व्यक्ति और दो मोबाइल नंबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. इस गिरोह के फंसाने का खेल भी अनोखा है गिरोह की महिला के नाम से न्यायालय में दुष्कर्म का वाद दाखिल किया जाता है. फिर शिकार को फोन पर दावा दाखिल होने की सूचना देकर समझौते की पेशकश होती है. शिकार पैसे दे दे तो ठीक है वर्ना केस फाइल करने के लिए पैरवी तेज कर दी जाती है. पुलिस से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद गिरोह के सदस्य पुलिस बनकर पूछताछ का रुआब दिखाते है. थाने से पता करने पर मामला सही मिलता है. ज्यादातर मामलों में इसी मोड़ पर समझौता हो जाता है. वर्ना पैसे न मिलने पर गैंग की महिला बयान दर्ज करा देती है और मुकदमा दर्ज करने का आदेश हो जाता है.

 शिकार बना 68 साल का बुजुर्ग

हालिया मामला गीडा के 68 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी का है, जिन पर छह महीने में ही दुष्कर्म के पांच वाद दाखिल हो गए. अंजली, पानमती, शीला, सुशीला जैसे काल्पनिक नामों से दाखिल सभी वादों में आरोप एक ही था कि व्यापारी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया. बेइज्जती और कानूनी झंझट से बचने के लिए व्यापारी ने जब तक रुपये दिए, तब तक मामला कचहरी से ही निपटता रहा. जब मना किया तो उसके दो बेटों पर भी रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया. पुलिस ने जांच शुरू की तो शीला, सुशीला जैसे काल्पनिक नामों वाली महिलाएं दर्ज पते पर मिली ही नहीं. पुलिस ने दो मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाकर व्यापारी और उनके बेटों को क्लीनचिट दे दी. व्यापारी और उनके बेटों पर अब पांचवां मुकदमा भी दर्ज हो गया है, जिसकी जांच जारी है. ये गिरोह ऐसे लोगों को निशाना बनाता है, जो उन्हें चुपचाप पैसे देता रहे. दर्जनों परिवार इस गिरोह ने अपना शिकार बना रखा है.

दर्ज कराया मुकदमा

खोराबार इलाके में रहने वाले व्यापारी की बहू ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को बताया कि चार महीने पहले एक महिला ने मेरे ससुर को फोन करके धमकाया कि उसने मुकदमा दर्ज करा दिया है और अगर समझौता चाहते हो तो मेरे सहयोगी को पैसे दे दो. ससुर ने थाने में पता किया तो मुकदमे की बात सही मिली. इसके बाद लगातार दो मोबाइल नंबर से पांच लाख रुपये देकर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा न करने पर पूरे परिवार को रेप के मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं. व्यापारी की बहू की शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया.

 

सबसे पहले अंजली और पानमती

अंजली और पानमती के नाम से नवंबर, 2020 में दो अलग-अलग वाद दाखिल हुए. दोनों में व्यापारी के ऊपर नौकरी दिलाने के नाम रेप करने का आरोप लगाया गया था. समाज के डर और कानूनी पचड़े में न पड़ने की बात सोच व्यापारी ने गिरोह के सदस्य के मुंहमांगे पैसे दे दिए. जिसका नतीजा ये हुआ कि पैसे मिल जाने के बाद अगली चार तारिखों पर न तो अंजली कोर्ट पहुंची और न ही पानमती. जिसके बाद केस खारिज हो गया.

फिर आई शीला और सुशीला

अंजली और पानमती के नाम से दर्ज हुए दोनों केस अब खत्म हो चुके थे मगर वो व्यापारी अब भी गिरोह के निशाने पर था. इस बार तीसरी शिकायत शीला और चौथी शिकायत सुशीला के नाम से दर्ज हुई. व्यापारी को फिर धमकी भरा फोन आया, कुछ कर पाते इससे पहले पुलिस आ गई. घबराए परिवार ने फिर से गिरोह को मुंहमांगी रकम दी. इस बार पुलिस की जांच में न शिकायत करने वाली महिला मिली और न ही उनका घर. लिहाजा पुलिस ने इन दोनों शिकायतों पर व्यापारी को क्लीन चिट दे दी.

 

पांचवीं बार फिर फंसा वही परिवार

चार बार रेप का झूठा इल्जाम लगाकर फंसाने वाले गिरोह को ये परिवार पैसे दे चुका था मगर उनका पेट अब भी नहीं भरा था. इस बार इस गिरोह ने फिर से व्यापारी और उसके दोनों बेटों के खिलाफ रेप का पांचवां केस दाखिल किया. अभी इस मामले की जांच चल रही है मगर ये ठगी है या नहीं इसके लिए देश की न्याय प्रक्रिया कार्ररत है.