24 से एअरफोर्स, 25 से नेवी और 1 जुलाई से सेना में अग्निवीरों की भर्ती, एफआईआर हुई तो नहीं मिलेगा मौका

अग्निपथ योजना को लेकर जहां देशभर में बवाल चल रहा है, वहीं अब इस बवाल को किनारे लगाते हुए देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की है. जिसमें थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी और जलसेना के प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार मौजूद रहे. जानकारी के अनुसार प्रेस कांफ्रेंस से पहले रविवार की सुबह ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों की एक बैठक भी हुई थी. प्रेस कांफ्रेंस में भर्ती संबंधित तारीखें तय कर दी गई हैं, वहीं खास बात ये कि जिस पर एफआईआर होगी वह भर्ती में शामिल नहीं हो पाएगा.

24 से एअरफोर्स, 25 से नेवी और 1 जुलाई से सेना में अग्निवीरों की भर्ती, एफआईआर हुई तो नहीं मिलेगा मौका
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प्रेस कांफ्रेंस बोले सेना प्रमुख

अग्निपथ स्‍कीम को लेकर सेना प्रमुखों ने यह भी साफ कर दिया कि इसको रोका नहीं जा सकता. वहीं प्रेस कांफ्रेंस में सेना के एडिशनल सेक्रेटरी ले. जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यह सुधार लंबे समय से लंबित था. तीनों सेनाओं के प्रमुखों की साझा प्रेस वार्ता में इस योजना के बारे में विस्तार से बताया गया. सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यह योजना काफी विचार-विमर्श करके लाई गई है. दो साल से इस योजना पर चर्चा चल रही थी. इस योजना का उद्देश्य युवाओं के जोश-होश के बीच तालमेल बनाना है.

 

सभी को बराबर मिलेंगी सुविधाएं

उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं के लिए फायदेमंद है. सभी अग्निवीरों को आम जवानों की तरह फायदे मिलेंगे. उन्होंने कहा कि आज की तुलना में अग्निवीरों को ज्यादा अलाउंस और सुविधाएं मिलेंगी. सेनानिवृति के सवाल पर अनिल पुरी ने कहा कि हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं में समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं. किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के भविष्य के लिए सोच-समझकर उठाया गया कदम है.

बढ़ती जाएगी कैंडीडेट्स की संख्‍या

अग्निपथ योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि अग्निवीरों को सियाचिन जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता मिलेगा जो वर्तमान में सेना के सैनिकों को मिल रहा है. अग्निवीरों के साथ सेवा शर्तों में कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा. इस योजना के तहत अगले 4-5 वर्षों में 50,000-60,000 सैनिकों की भर्ती करेंगे. हालांकि बाद में यह संख्या बढ़ाकर 90,000-1 लाख हो जाएगी. हमने योजना का विश्लेषण करने के लिए 46,000 की संख्या से छोटी शुरुआत की है. भविष्य में हम यह संख्या 1.5 लाख तक लेकर जाएंगे.

 

एक करोड़ का मुआवजा

अनिल पुरी ने कहा कि देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा. 'अग्निवर' को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती है. सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि 'अग्निवर' को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती है. सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. 

एयरफोर्स में 24 जून से पहले बैच की प्रक्रिया

एयर मार्शल एस.के. झा ने कहा कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों की भर्ती के लिए पहले बैच की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. यह एक ऑनलाइन सिस्टम है. इसके तहत उस पर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. एक महीने बाद 24 जुलाई से फेज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी. वायुसेना के एयर मार्शल एसके झा ने कहा कि दिसंबर के अंत तक अग्नवीर के पहले बैच को वायुसेना में शामिल कर लेंगे. 30 दिसंबर से पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी. 

भारतीय वायुसेना ने जारी की डिटेल

इस भर्ती में 17.5 वर्ष से 21 वर्ष तक के उम्मीदवार शामिल हो सकेंगे. यह भर्ती चार सालों के लिए होगी. इसके बाद परफॉर्मेंस के आधार पर 25 फीसदी कर्मियों को वापस से रेगुलर कैडर के लिए नामांकित किया जाएगा. बता दें कि उम्मीदवारों को सशस्त्र बलों में आगे नामांकन के लिए चुने जाने का कोई अधिकार नहीं होगा. चयन सरकार का अनन्य क्षेत्राधिकार होगा. मेडिकल ट्रेडमैन को छोड़कर भारतीय वायु सेना के नियमित कैडर में एयरमैन के रूप में नामांकन केवल उन्हीं कर्मियों को दिया जाएगा, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा की अवधि पूरी कर ली है.

कुछ प्रमुख बातें:-

- चार साल के लिए वायुसेना में भर्ती.

- हर साल 30 दिन की छुट्टी मिलेगी.

- सिक लीव भी मिलेगा.

- हर महीने 30 हजार की सैलरी.

- हर साल इन्क्रीमेंट.

- रिस्क, ट्रेवल, ड्रेस और हार्डशिप अलाउंस.

- कैंटीन सुविधा और मेडिकल सुविधा.

- चार साल के बाद अग्निवीरों को 10.04 लाख सेवा निधि के रूप में.

- असम राइफल्स और सीएपीएफ में नौकरियों में वरीयता.

- शहादत पर परिवार को बीमा समेत करीब एक करोड़ की राशि.

- विकलांगता पर एक्स-ग्रेशिया और बची हुई नौकरी की सैलरी और सेवा निधि.

- वायुसेना की गाइडलाइंस के अनुसार ऑनर और अवॉर्ड.