अखिलेश यादव की गाड़ी के सामने जान देने को कूदी महिला, पूर्व मंत्री के बेटे पर बेटी के अपहरण का आरोप

उन्‍नाव की एक महिला ने सोमवार की शाम पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले के सामने आत्‍मदाह करने की कोशिश की। महिला ने सपा सरकार में दर्जा प्राप्‍त राज्‍यमंत्री के बेटे पर अपनी बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया है। वहीं घटना का वीडियो ट्वीटर पर डाल दिया गया, जिसको लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं।

अखिलेश यादव की गाड़ी के सामने जान देने को कूदी महिला, पूर्व मंत्री के बेटे पर बेटी के अपहरण का आरोप
अखिलेश की गाड़ी के सामने से महिला को संभालती पुलिस

अखिलेश की कार के सामने कूदी महिला

उन्‍नाव की रहने वाली एक महिला सोमवार की शाम को पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले के सामने आत्‍मदाह करने पहुंच गई। जैसे ही उसने आत्‍मदाह का प्रयास किया, वहां मौजूद एसीपी हजरतगंज की टीम ने उसे ऐसा करने से रोक लिया। महिला ने आरोप लगाया है कि उन्‍नाव की सदर कोतवाली पुलिस उसकी बेटी का अपहरण करने वाले आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस वजह से उसकी बेटी का डेढ़ महीने बाद भी कुछ पता नहीं चला है। एसीपी हजरतगंज की सूचना पर महिला को उन्‍नाव पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

पूर्व मंत्री के बेटे पर अपहरण का अरोप

उन्नाव स्थित कांशीराम कालोनी में रहने वाली एक महिला ने सदर कोतवाली में 08 दिसंबर 2021 को पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री फतेह बहादुर के बेटे राजोल सिंह उर्फ अरुण सिंह पर अपनी 22 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि राजोल सिंह ने अपने दोस्‍तों के साथ मिलकर उसकी बेटी को अगवा कर लिया है। इस संबंध में सदर कोतवाली की पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन डेढ़ माह बाद भी न तो युवती बरामद हुई और न ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। महिला ने आरोप लगाया कि पूर्व राज्‍य मंत्री का बेटा होने की वजह से पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एफआईआर कराए हुए 48 दिन हो गए हैं। अपहृत युवती के परिजनों ने एसपी ऑफिस में न्याय की गुहार भी लगाई थी। बताया जा रहा है कि कोई सुनवाई न होने पर सोमवार को युवती की मां ने लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर पूर्व सीएम अखिलेश यादव की गाड़ी के आगे आत्मदाह का प्रयास किया।

इनका कहना है

इस मामले में हजरतगंज एसीपी अखिलेश सिंह ने बताया कि महिला की बेटी गायब होने के मामले की जांच सीओ सिटी उन्‍नाव कर रहे हैं। पीड़‍िता का आरोप है कि वह कई बार सीओ से भी मिल चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे परेशान होकर ही वह शाम करीब चार बजे सपा कार्यालय के सामने पहुंच गई थी। जैसे ही अखिलेश यादव का काफिला निकला वह उसके सामने आत्‍महत्‍या के लिए कूद गई। जहां मौजूद एसीपी की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया और महिला थाने ले जाया गया। जहां उससे पूछताछ की गई।

पांच बार एसपी और छह बार डीएम से मिली

एसपी दफ्तर में दिए प्रार्थना पत्र में महिला ने कहा था कि राजोल सिंह उर्फ अरुण सिंह पुत्र स्व. फतेह बहादुर सिंह (पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री) निवासी कल्याणी देवी ने अपने कई साथियों के साथ बाजार जाते समय उसकी 22 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया। जिसमें पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया मगर आरोपी पूर्व मंत्री के घर से होने के कारण पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर रही है। पीड़‍ित मां का कहना है कि वह सीओ सिटी कृपा शंकर से गुहार लगाती रही, मगर उसकी सुनवाई नहीं की गई। एसपी के पास पांच बार व सीओ के पास पांच छह बार गई। इसके बाद डीएम के पास करीब छह बार शिकायत लेकर गई। वहीं सदर विधायक पंकज गुप्ता से भी तीन चार बार कहा कि कोई अधिकारी हमारी सुनवाई नहीं कर रहा है। सीओ पर आरोप लगाया है कि वह आरोपियों को बुलवाकर उन्‍हें समय देकर छोड़ देते हैं, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई।

भाजपा ने किया महिला के आत्मदाह का वीडियो ट्वीट

सपा के पूर्व मंत्री के बेटे पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाकर लखनऊ पहुंच कर अखिलेश यादव की गाड़ी के सामने महिला की आत्मदाह की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। इस वीडियो को देखकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो भाजपा ने भी सपा सरकार पर वीडियो के जरिए अखिलेश पर तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने वीडियो ट्वीट कर लिखा, समाजवाद का समाज के प्रति असंवेदनशीलता तो देखिये..

सपा नेता के पुत्र रजोल सिंह ने बेटी को बंधक बनाया हुआ है, न्याय के लिए माँ जब सपा कार्यालय के बाहर अखिलेश जी से मिलने आई तो अखिलेश जी ने पीड़िता की मां से मिलने के बजाय उन्हें घसीट कर के हटवा दिया..

समाजवाद का यही न्याय मॉडल है।